सांकेतिक चित्र (फोटो साभार: Gemini Canvas /canva) AI
बेंगलुरु पुलिस को एक 57 वर्षीय महिला का कंकाल उसके घर से मिला। मृतक महिला की पहचान बेलगावी जिले के सौंदत्ती तालुक निवासी दक्षायिनी के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया, कि पति और बेटे की मौत के बाद से दक्षायिनी घर में अकेली रह रही थी और करीब दो साल से अपने परिवार के संपर्क में नहीं थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दक्षायिनी पति और बेटे की मौत के बाद अकेली हो गई थी। उनके पति उमेश की करीब 10 साल पहले मौत हो गई थी, वहीं कुछ समय बाद बेटे की भी कैंसर से जान चली गई। इसके बाद महिला मानसिक परेशानियों से जूझ रही थी। पुलिस को शक है, कि दक्षायिनी की मौत करीब एक साल पहले हुई थी।
इस मामले का खुलासा तब हुआ जब पड़ोसियों ने करीब एक साल से बंद घर के दवाजे को बीते शुक्रवार की रात खुला देखा। इसके बाद उन्होंने यह सोचकर, कि कोई चोरी करने आया होगा, तुरंत पुलिस हेल्पलाइन पर कॉल किया, जब पुलिस मौके पर पहुंची और जांच की, तो घर के बाथरूम से कंकाल बरामद हुआ।
मृतका दाक्षायिनी की बेटी ने पुलिस को बताया, कि साल भर पहले कुछ मनमुटाव की वजह से उसकी मां से बातचीत बंद हो गई थी और उसने अपनी मां को फोन नहीं किया था। बेटी ने बताया, कि गुस्से में मां ने अपना मोबाइल नंबर भी बदल दिया था। इसके बाद उसने मां की कोई सुध नहीं ली और ना ही अपनी मां से बात की।
गौरतलब है, कि कुछ दिनों पहले हरियाणा के सोनीपत से भी रिश्तों की सच्चाई को उजागर करने वाली ऐसी ही घटना सामने आई थी। जहां वृद्धाश्रम में रह रहे एक कपड़ा व्यापारी की मौत के बाद उनके अंतिम संस्कार में कोई अपना शामिल नहीं हुआ। वृद्धाश्रम के कर्मचारियों ने ही उनका अंतिम संस्कार किया।
दरअसल, वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्ग कपड़ा व्यापारी शिवचरण रतन गुप्ता का निधन हो गया, लेकिन उनकी तीनों बेटियां अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार में नहीं पहुंचीं। बुजुर्ग की मृत्यु के बाद बेटियों को सूचना दी गई, लेकिन उन्होंने समय नहीं होने की बात कहकर आने से इनकार कर दिया।
