पीएम नरेंद्र मोदी (बाएँ) और नंदन नीलेकणि (दाएँ), (फोटो साभार: NDTV)
NEET-UG पेपर लीक विवाद को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली में सुधार लाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भविष्य में परीक्षाओं में किसी भी तरह की धांधली को रोकने के लिए हाई पावर टास्क फोर्स गठित करने की घोषणा की।
पीएम मोदी ने रविवार (26 जुलाई 2026) को अहम घोषणा करते हुए उच्चस्तरीय टास्क फोर्स गठित करने का ऐलान किया है, जिसका नेतृत्व विश्व प्रसिद्ध प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ और इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो संदेश के माध्यम से कहा, “सरकार छात्रों के भविष्य के लिए लगातार विभिन्न कदम उठा रही है। जिन लोगों ने छात्रों के भविष्य के साथ छेड़छाड़ की, वे जेल में है। हमने पहले ही फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित कर दिए है। संसद में नया कानून लाने की दिशा में भी काम हो रहा है जिसमें कड़ी कानूनी व्यवस्थाएं होंगी।”
HIGH POWERED TASK FORCE on examination reforms under the leadership of Shri Nandan Nilekani constituted.@NandanNilekani pic.twitter.com/mMpmPdIEL5
— Narendra Modi (@narendramodi) July 26, 2026
पीएम मोदी ने कहा, “इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए विश्व प्रसिद्ध टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में एक हाई पावर टास्क फोर्स बनाने का निर्णय लिया है। यह टास्क फोर्स परीक्षा सुधारों पर फोकस करेगी और इसकी रिपोर्ट के आधार पर आने वाली परीक्षाओं की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए जरूर कदम उठाए जाएँगे।”
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने वीडियो संदेश में यह भी बताया, कि सरकार पहले ही परीक्षा से जुड़े मामले के तेजी से निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था कर चुकी है। साथ ही संसद में पेपर लीक और परीक्षा में धाँधली करने वालों के खिलाफ और अधिक कठोर कानूनी प्रावधान लाने की दिशा में भी काम चल रहा है।
उल्लेखनीय है, कि परीक्षा में सुधार के लिए हाई-पावर्ड टास्क फ़ोर्स का गठन किया गया है। विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों का एक मल्टी-डिसिप्लिनरी ग्रुप NTA परीक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में सहायता करेगा। नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में गठित इस टास्क फोर्स में कई विशेषज्ञों को स्थान दिया गया है।
मल्टी-डिसिप्लिनरी ग्रुप में टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट नंदन नीलेकणी, इसरो (ISRO) के पूर्व चेयरमैन एस सोमनाथ, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के पूर्व डायरेक्टर तपन डेका, आईआईटी (IIT) चेन्नई के डायरेक्टर वी कामकोटी, पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल और लॉजिस्टिक्स एक्सपर्ट अमृत लाल मीणा जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
बता दें, कि नंदन निलेकणि टेक्नोलॉजी क्षेत्र के दिग्गज हैं। वे इंफोसिस के सह संस्थापक हैं। उन्हें आधार कार्ड के जनक के तौर पर भी जाना जाता है। उनका पूरा नाम नंदन मोहनराव निलेकणि है। निलेकणि का डिजिटल गवर्नेंस, तकनीकी प्रणालियों और डेटा प्रबंधन में अनुभव इस नई जिम्मेदारी के लिए सबसे उपयुक्त विशेषज्ञों में शामिल करता है।
