भारतीय मूल की नवी पिल्लई को मिला शांति का नोबेल पुरस्कार, (फोटो साभार: X@NobelPrize)
दक्षिण अफ्रीका की प्रतिष्ठित न्यायविद् नवनेथम ‘नवी’ पिल्लई को वर्ष 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया है। यह घोषणा नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में की गई। उन्हें शांति और अंतरराष्ट्रीय कानून को बढ़ावा देने के प्रयासों के लिए यह सम्मान दिया गया है। बता दें, कि पिल्लई के दादाजी तमिलनाडु के रहने वाले थे।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र की पूर्व मानवाधिकार प्रमुख भारतीय मूल की नवनेथम ‘नवी पिल्लई’ को 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया है। उन्हें यह अवार्ड अंतरराष्ट्रीय कानून में उनके योगदान के लिए दिया गया है। भारतीय मूल के तमिल परिवार में जन्मीं पिल्लई एक अग्रणी वकील और कानून विशेषज्ञ बनी।
नोबेल प्राइज कमेटी ने एक्स पोस्ट के माध्यम से बताया है, कि नवी ‘पिल्लई हमारे समय में अंतरराष्ट्रीय कानूनी सिद्धांतों की महान पैरोकारों में से एक हैं। उनका शानदार करियर हमें वैश्विक स्तर पर कानून के शासन का समर्थन करने, उसे मजबूत करने और उसका विस्तार करने की जरूरत की याद दिलाता है।
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The Norwegian Nobel Committee has decided to award the 2026 #NobelPeacePrize to Navanethem “Navi” Pillay for her efforts to promote peace and international law.#NobelPrize https://t.co/97vurspw6z
— The Nobel Prize (@NobelPrize) October 9, 2026
88 वर्षीय नवनेथम नवी’ पिल्लई का जन्म दक्षिण अफ्रीका के डरबन में एक भारतीय तमिल परिवार में हुआ था। उनके दादा तमिलनाडु से दक्षिण अफ्रीका जाकर बसे थे। विपरीत परिस्थितियों और रंगभेद के दौर में पढ़ाई पूरी कर वह दक्षिण अफ्रीका के नेटाल प्रांत में अपनी लॉ प्रैक्टिस शुरू करने वाली पहली गैर-श्वेत महिला बनी थी।
गौरतलब है, कि शांति के नोबेल प्राइज के लिए खुद को उपयुक्त दावेदार बताने वाले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इस बार भी चर्चा तक नहीं हुई। दरअसल, ट्रंप ने नोबेल शांति पुरस्कार दावा जताते हुए कहा था, कि उन्होंने ऐसे अभूतपूर्व काम किए हैं, जो इतिहास में किसी अन्य राष्ट्रपति ने कभी नहीं किए।
