चंपावत में पहली बार कैबिनेट बैठक
उत्तराखंड में शासन को प्रदेश के दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों तक पहुंचाने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक नई पहल की है। इसी क्रम में आज भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे चम्पावत जनपद के बनबसा स्थित एनएचपीसी परिसर में सीएम धामी की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की जा रही है।
गौरतलब है, कि चम्पावत जिले में पहली बार कैबिनेट बैठक आयोजित हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा, कि कैबिनेट बैठकें अब केवल देहरादून तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों में भी आयोजित की जाएंगी। इससे स्थानीय स्तर की समस्याओं, विकास की संभावनाओं और क्षेत्रीय प्राथमिकताओं को सीधे शासन के समक्ष रखने का अवसर मिलेगा।
सीमांत क्षेत्रों तक सरकार, विकास को नई रफ्तार…
भारत-नेपाल अंतर्राष्ट्रीय सीमा के निकट बनबसा, चम्पावत में कैबिनेट बैठक प्रदेश में एक नई पहल की शुरुआत है। pic.twitter.com/FIFdxoKDl9
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) October 4, 2026
उन्होंने कहा, कि सीमांत क्षेत्र केवल राज्य की भौगोलिक सीमा नहीं, बल्कि हमारी सुरक्षा, संस्कृति और विकास की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। सरकार की प्राथमिकता है, कि सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए आधारभूत सुविधाओं, रोजगार, पर्यटन और कनेक्टिविटी को और मजबूत किया जाए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, कि सरकार का उद्देश्य शासन को जनता के और करीब ले जाना है। जब कैबिनेट की बैठकें प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में होंगी, तो वहां की स्थानीय परिस्थितियों, जन अपेक्षाओं और विकास की आवश्यकताओं को समझने तथा उन पर त्वरित निर्णय लेने में भी मदद मिलेगी।
सीएम धामी ने कहा, कि उत्तराखंड के हर क्षेत्र का संतुलित विकास राज्य सरकार की प्रतिबद्धता है। सीमांत गांवों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक विकास की गति को समान रूप से आगे बढ़ाया जाएगा।
बता दें, कि मुख्यमंत्री धामी की अध्यक्षता में चल रही मंत्रिमंडल की बैठक बेहद खास मानी जा रही है, क्योंकि अक्टूबर महीने की यह पहली मंत्रिमंडल की बैठक है। साथ ही इस बैठक में उपनल कर्मचारियों, पीजी डॉक्टर का स्टाइपेंड बढ़ाने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, ऊर्जा विभाग समेत तमाम महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है।
इसके अलावा, इसी महीने 26 अक्टूबर से पहले विधानसभा मॉनसून सत्र भी होना है। ऐसे में मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान मॉनसून सत्र की तिथियां और स्थान पर निर्णय लिया जा सकता है।
