मां नंदा देवी की बड़ी जात बेदनीकुंड के लिए रवाना, (चित्र साभार: X@DIPR_UK)
उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान नंदा देवी बड़ीजात यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ाव पर मां नंदा राजराजेश्वरी की देव डोलियां कैलाश की ओर रवाना हुईं तो चमोली का हिमालयी क्षेत्र जय मां नंदा, जय मां राजराजेश्वरी के जयकारों से गूंज उठा। हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
जानकारी के मुताबिक, बुधवार रात मां नंदा देवी राजराजेश्वरी की तीनों देव डोलियां लाटू के धर्मभाई गांव पहुंची। बता दें, कि वाण गांव में स्थित लटू देवता का मंदिर इस यात्रा का एक अत्यंत पवित्र पड़ाव है। लटू देवता को देवी नंदा का भाई माना जाता है, और यात्रा के दौरान यहां विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।
चमोली के थराली स्थित वाण गाँव में नंदा देवी राज जात यात्रा के दौरान,माँ नंदा का अपने धर्म भाई लाटू देवता से मिलन का एक बेहद भावुक और सच्चे मायनों में धार्मिक दृश्य देखने को मिला..
बधाण, दसोली और बांद की तीनों डोली परंपराएँ एक साथ एक मंच पर एकत्रित हुईं और “जय मां नंदा” के जयकारे… pic.twitter.com/hi0dHKuNBC— Ruby Arun रूबी अरुण (@arunruby08) September 17, 2026
गुरुवार सुबह मां नंदा राजराजेश्वरी की डोली वाण से गैरोली पातल होते हुए वेदनी के लिए रवाना हुई। मां नंदा की डोली के वाण से प्रस्थान के समय स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने नम आंखों से मां नंदा की डोली को अगले पड़ाव के लिए विदाई दी। इस दौरान पूरा वाण क्षेत्र मां नंदा के जयकारों, जागरों और पारंपरिक मांगल गीतों से गूंजता रहा।
श्रद्धालुओं ने हाथ जोड़कर मां नंदा का आशीर्वाद लिया और यात्रा के सकुशल संपन्न होने की कामना की। मां नंदा की जात के वाण से प्रस्थान के दौरान जिलाधिकारी गौरव कुमार ने मां नंदा की डोली की विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने मां नंदा का आशीर्वाद लेते हुए प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं शांति की कामना की।
पूजा-अर्चना के बाद पारंपरिक रीति-रिवाजों, जागरों और जयकारों के बीच मां नंदा की डोली को अगले पड़ाव के लिए विदाई दी गई। राज जात में 40 से अधिक छंतोलियों के साथ सैकड़ों देव निशान और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए हैं। वाण से प्रस्थान के दौरान पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन, जागरों और मांगल गीतों के बीच मां नंदा की डोली आगे बढ़ी।
डोली के साथ चल रहे श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और श्रद्धा का भाव देखने को मिला। ग्रामीणों ने अपनी परंपरा और लोक संस्कृति के अनुरूप मां नंदा को विदाई दी। मां नंदा की जात के वाण से प्रस्थान से पूर्व जिलाधिकारी गौरव कुमार एवं पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने यात्रा पड़ाव पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए, कि यात्रा के आगामी पड़ावों पर भी श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने यात्रा मार्ग एवं पड़ावों पर व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी रखने तथा आवश्यकता के अनुसार तत्काल व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
बड़ीजात यात्रा के कठिन और निर्जन पड़ावों को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं। पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और आईटीबीपी की टीमें संवेदनशील एवं निर्जन पड़ावों का निरीक्षण कर चुकी है। आवश्यक स्थानों पर सुरक्षा एवं आपदा राहत टीमें तैनात की गई हैं।
पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने यात्रा में तैनात पुलिसकर्मियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा, कि मां नंदा की जात को सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा यात्रा मार्ग एवं सभी प्रमुख पड़ावों पर आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए वरिष्ठ अधिकारी लगातार यात्रा मार्ग एवं पड़ावों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से पर्वतीय मार्ग एवं मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सावधानी बरतने, निर्धारित मार्ग का ही उपयोग करने की अपील की है।
