पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कोंग्रेसी कांग्रेसी नेता हरीश रावत
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता हरीश रावत के पूर्व विशेष कार्याधिकारी (OSD) और निजी सचिव चंदन सिंह जीना के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के बाद रावत ने कांग्रेस प्रदेश कार्यकारिणी और कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) के स्थायी आमंत्रित सदस्य पद से इस्तीफे की पेशकश कर दी हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर लिखी पोस्ट में कहा, कि कांग्रेस पार्टी की सदस्यता मेरे खून और हड्डियों में है। हरीश रावत जो कुछ भी है, उस सबका निर्माण करती है। वह तो मेरे साथ ही स्वर्ग में भी जाएगी।
मीडिया के कुछ हिस्सों में यह समाचार दिया जा रहा है कि हरीश रावत ने कांग्रेस पार्टी से त्यागपत्र दे दिया।
भैया, कांग्रेस पार्टी की सदस्यता मेरे खून और हड्डियों में है, हरीश रावत जो कुछ भी है, उस सबका निर्माण करती है। वह तो मेरे साथ ही स्वर्ग में भी जाएगी।
हाँ, यदि कल-परसों… pic.twitter.com/ERVxcpYCjX
— Harish Rawat (@harishrawatcmuk) September 12, 2026
उन्होंने कहा, कि यदि कल-परसों देहरादून में ईडी का जो पाखंडपूर्ण चकल्लस हुई है और मैंने यह कहा है, कि यदि उससे कांग्रेस पार्टी के भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने के नैरेटिव पर कोई असर पड़ता है, तो पार्टी के जो पद मेरे पास हैं, प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य और एआईसीसी की वर्किंग कमेटी के सदस्य मैं उन पदों से त्यागपत्र देना चाहूंगा।
हरीश रावत ने साथ ही कहा, कि नियुक्तियों और परीक्षाओं में गड़बड़ी हमारी आने वाली पीढ़ी के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं। यदि उनसे जाने-अनजाने में भी कोई ऐसा कृत्य हुआ है, जिससे राज्य के नौजवानों के भविष्य पर दुष्प्रभाव पड़ा है, तो उसके लिए वे खुद को प्रताड़ना का पात्र मानते हैं।
कांग्रेस नेता हरीश रावत द्वारा सोशल मीडिया पर इस्तीफे की पेशकश को भाजपा ने चुनावी स्टंट और पार्टी के भीतर दबाव बनाने का पैंतरा करार दिया है। भाजपा नेताओं का कहना है, कि आज जब कांग्रेस शासनकाल के पुराने घोटालों का सच सामने आ रहा है, तो कांग्रेस नेता जांच से ध्यान भटकाने के लिए अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने हरीश रावत के इस्तीफे के ऐलान पर तीखा प्रहार करते हुए कहा है, “हरीश रावत कांग्रेस के बहुत वरिष्ठ नेता हैं। वे अक्सर कांग्रेस के भीतर अपनी स्थिति मजबूत करने व जनता की सहानुभूति बटोरने के लिए इस प्रकार के हथकंडे अपनाते रहते है।”
वहीं भाजपा प्रदेश प्रवक्ता विनोद चमोली ने कहा, कि इस्तीफे की पेशकश नहीं की जाती, जिसे वास्तव में नैतिक आधार पर त्यागपत्र देना होता है, वह दे देता है। केवल दबाव की राजनीति करने के लिए इस्तीफे की पेशकश करना उनका पुराना तरीका रहा है। OSD मुख्यमंत्री का सीधा प्रतिनिधि होता है। उनके परिसरों से अकूत संपत्ति का मिलना उस दौर के शासनकाल में व्याप्त भ्रष्टाचार की पोल खोलता है।
गौरतलब है, कि वर्ष 2016 के ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) भर्ती घोटाले में ओएमआर शीट्स में हेरफेर और धांधली के गंभीर आरोप हैं। इस मामले में आरोपी हरीश रावत के पूर्व ओएसडी और निजी सचिव चंदन सिंह जीना के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी में ₹32 लाख से अधिक नकदी, 200 ग्राम सोना और रोलेक्स-राडो जैसी 12 लक्जरी घड़ियां बरामद हुई है।
