सांकेतिक चित्र
देहरादून के सहस्त्रधारा रोड स्थित प्राइवेट कॉलेज की छात्रा वंशिका बंसल की हत्या के लगभग चार साल पुराने मामले में अदालत ने हत्यारोपी आदित्य को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास का दंड सुनाया है। पंचम अपर सत्र न्यायाधीश अंजलि बेंजवाल की अदालत ने दोषी पर 30 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है।
जानकारी के मुताबिक, देहरादून के आईटी पार्क स्थित सिद्धार्थ ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशन में डी फार्मा प्रथम वर्ष की छात्रा वंशिका बंसल 3 मार्च 2022 को अपनी सहेली के साथ सामान लेने के लिए एक जनरल स्टोर पर जा रही थी। इसी दौरान उसका सहपाठी आदित्य तोमर वहां पहुंचा और छात्रा को जबरन बाइक पर बैठाने का प्रयास करने लगा।
छात्रा द्वारा बाइक पर बैठने से इंकार करने पर दोनों के बीच विवाद हुआ। सीसीटीवी फुटेज में आदित्य हाथ में तमंचा लेकर वंशिका के साथ बहस करता और उसकी ओर हथियार लहराता नजर आया था। इसके बाद गोली चली और वंशिका जमीन पर अचेत होकर गिर गई। वारदात के बाद आरोपित बाइक व कट्टा घटनास्थल पर छोड़कर मौके से फरार हो गया था।
गंभीर रूप से घायल वंशिका को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वंशिका के पिता की तहरीर पर थाना राजपुर में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष ने अदालत में 20 गवाहों के बयान दर्ज कराए।
प्रत्यक्षदर्शी छात्रा की गवाही के अलावा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य भी कोर्ट के सामने रखे गए। कोर्ट ने इन साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद आरोपी को हत्या का दोषी माना। आरोपित ने रायपुर निवासी अपने परिचित से हथियार लिया था।
अदालत ने सुनवाई के दौरान माना, कि हत्यारोपी वारदात से पहले मौके पर मौजूद था। घटना के तुरंत बाद भी वह तमंचे के साथ मौके से जाता दिखाई दिया। न्यायालय ने आदेश दिया, कि जांच और ट्रायल के दौरान जेल में बिताई हुई अवधि का समायोजन किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, हरिद्वार के ज्वालापुर स्थित द्वारिका विहार की रहने वाली वंशिका बंसल और हत्यारोपी एक ही कालेज से डी फार्मा की पढ़ाई कर रहे थे। एक महीने पहले वंशिका ने फेसबुक पर अपनी एक फोटो पोस्ट की थी। इस पर आदित्य ने कमेंट किया था, लेकिन वंशिका को यह पसंद नहीं आया और उसने आदित्य को इसके लिए टोका भी था।
वंशिका ने इसका विरोध करते हुए अपने सीनियर से आदित्य की शिकायत कर दी थी। इसके बाद सीनियर ने आदित्य से वंशिका के पैर छूकर माफी मंगवाई थी। इसी बात से नाराज आरोपित वंशिका से रंजिश रखने लगा था। 3 मार्च 2022 को आदित्य ने कॉलेज के बाहर वंशिका को बहस के बाद गोली मार दी।
मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है, कि आरोपित दिन में कालेज के अंदर भी गया था। इसके बाद वह वंशिका का बाहर इंतजार करने लगा। जैसे ही वंशिका कालेज से बाहर आई, तो उसने उसे बाइक पर बैठाने का प्रयास किया। जब वह अपने प्रयास में सफल नहीं हो सका तो उसने उसे गोली मार दी।
बताया जा रहा है, कि सहपाठी की हत्या करने वाले आदित्य तोमर की घर की आर्थिक स्थिति कुछ अच्छी नहीं थी। क्षेत्र के लोग चंदा एकत्रित करके उसकी फीस भर रहे थे। आदित्य के पिता देहरादून में ड्राइवर की नौकरी करते थे। जिस कारण काफी समय पहले पूरा परिवार देहरादून आ गया और यहीं पर मकान बना लिया।
घर पर उसकी मां व बहन रहती हैं। पिता की कोरोनाकाल में मौत हो गई थी। इसके बाद आरोपित ने डी फार्मा में दाखिला लिया, लेकिन वह फीस भी नहीं भर पा रहा था। आरोपित ने पुलिस को बताया, वंशिका के दोस्तों ने जब़रदस्ती पैर छूकर माफी मंगवाई। इस बेइज़्ज़ती का बदला लेने के लिए उसने वारदात को अंजाम दिया।
