दून पुलिस की गिरफ्त में आरोपित, (फोटो साभार: X@DehradunPolice)
मंहगे शौक पूरे करने व कम समय में अमीर बनने की चाहत ने एक युवक को अपराध की दुनिया में धकेल दिया। दून पुलिस ने वाहन चोरी की अलग-अलग घटनाओं का खुलासा करते हुए एक शातिर वाहन चोर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से अलग-अलग स्थानों से चोरी किए गए 11 दोपहिया वाहन बरामद हुए हैं।
एसपी देहात जया बलोनी ने बताया, कि 31 जुलाई को अजय कुमार और अनिल कुमार निवासी रायपुर थाना क्षेत्र ने अलग-अलग स्थानों से अपनी स्कूटी चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) के तहत अज्ञात आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
उन्होंने बताया, कि थानाध्यक्ष संजीत कुमार की देखरेख में गठित टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर उसके आसपास आने जाने वाले मार्गों पर लगे 80 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान एक संदिग्ध युवक की पहचान हुई।
वाहन चोरी की अलग-अलग घटनाओं का देहरादून पुलिस ने किया खुलासा,
वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले एक शातिर चोर को पुलिस ने किया गिरफ्तार
अभियुक्त के कब्जे से अलग-अलग स्थानों से चुराई गई चोरी के 11 दु-पहिया वाहन हुए बरामद pic.twitter.com/ySa8jEU972
— Dehradun Police Uttarakhand (@DehradunPolice) August 2, 2026
मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने बीते शनिवार को महाराणा प्रताप चौक के आगे पेट्रोल पंप के पास से आरोपी राकेश डबराल को चोरी की स्कूटी सहित गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने देहरादून के अन्य इलाकों से भी वाहन चोरी की बात कबूल की।
उसकी निशानदेही पर पुलिस ने जंगल में छिपाकर रखे गए 10 दुपहिया वाहनों सहित कुल 11 वाहन बरामद किए। बरामद वाहनों में से दो वाहन नेहरू कॉलोनी और एक वाहन डालनवाला थाना क्षेत्र से चोरी हुए थे। जिनके संबंध में पहले से मुकदमे दर्ज हैं, जबकि अन्य वाहनों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
एसपी देहात जया बलूनी ने बताया, आरोपित की पहचान 22 वर्षीय राकेश डबराल निवासी देवतम पट्टी सितोंस्यू पौड़ी गढ़वाल वर्तमान निवासी गुलाब बाग कनखल हरिद्वार के रूप में हुई है। वह अपने महंगे शौकों को पूरा करने के लिए वाहनों की चोरी की घटनाओं का अंजाम दिया करता था।
आरोपित घटना से पूर्व सुनियोजित तरीके से रैकी कर सुनसान स्थानों पर खड़े वाहनों को चिन्हित करता और मौका मिलते ही चोरी कर लेता था। पुलिस से बचने के लिए वह चोरी के वाहनों को जंगल में छिपा देता था और हरिद्वार वापस चला जाता था। पुलिस आरोपित की काल डिटेल भी खंगाल रही है।
थानाध्यक्ष संजीत कुमार ने बताया, कि आरोपित की हरिद्वार में फास्ट फूड की रेहड़ी है। शौक पूरे करने के लिए वहां आमदनी उतनी नहीं होती थी, ऐसे में उसने एक ही झटके में पैसे कमाने की योजना बनाई। उसकी योजना वाहनों को जिले से बाहर ले जाकर बेचने की थी, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
