हरिद्वार में चरम पर पंहुचा कांवड़ मेला, (फोटो साभार: X@ians_india)
सावन के प्रथम सोमवार पर शिवालयों में जलाभिषेक के लिए सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ लगी हुई है। हरिद्वार में दक्षेश्वर मंदिर और बिल्केश्वर सहित अन्य मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी हुई हैं। हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गूंजती सड़कों पर आस्था का सैलाब उमड़ रहा है।
धर्मनगरी हरिद्वार के प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। तड़के तीन बजे से ही मंदिरों के बाहर लंबी-लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। श्रद्धालुओं ने गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा और अन्य पूजन सामग्री के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।
इसी बीच हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित अपनी पत्नी के साथ दक्षेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे और विधि-विधान से भगवान शिव का जलाभिषेक किया। उन्होंने पूजा-अर्चना के बाद मंदिर परिसर और आसपास की सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। साथ ही मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को फल और पेयजल का वितरण भी किया।
सावन के पावन सोमवार पर धर्मनगरी हरिद्वार शिव भक्ति में सराबोर नजर आई। भगवान शिव के ससुराल कनखल स्थित दक्ष प्रजापति महादेव मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतार नजर आई। #Haridwar#Uttarakhand pic.twitter.com/n3sjvwCYZX
— Uttarakhand DIPR (@DIPR_UK) August 3, 2026
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा, कि प्रथम सोमवार पर मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या काफी अधिक रहती है। ऐसे में कांड़व ड्यूटी में लगे सभी अधिकारी पूरी सतर्कता, संवेदनशीलता और समन्वय के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें, ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े।
वहीं हरिद्वार के कांवड़ मार्ग स्थित दक्षेश्वर महादेव मंदिर में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। कांवड़ क्षेत्र स्थित यह मंदिर भगवान शिव की ससुराल माना जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार राजा दक्ष, जो भगवान ब्रह्मा के पुत्र और भगवान शिव के ससुर थे, उनका राज्य यहीं था। उन्होंने बताया, कि सावन माह में भगवान शिव एक माह तक यहां विराजमान रहते हैं।
