स्वीडन ने पीएम मोदी को 'रॉयल ऑर्डर ऑफ पोलर स्टार कमांडर ग्रैंड क्रॉस' से किया सम्मानित, (फोटो साभार-X@narendramodi)
स्वीडन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रतिष्ठित ‘रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार कमांडर ग्रैंड क्रॉस’ से सम्मानित किया है। यह किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष या सरकार के प्रमुख को दिया जाने वाला स्वीडन का सर्वोच्च शाही सम्मान है। वहीं प्रधानमंत्री मोदी को मिलने वाला यह 31वाँ अंतरराष्ट्रीय सम्मान है। पीएम मोदी बीते रविवार को स्वीडन के दौरे पर गए हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रविवार 17 मई को स्वीडन के पीएम उल्फ क्रिस्टर्सन और क्राउन प्रिंसेस ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार’ से सम्मानित किया। गोथेनबर्ग में काउंटी गवर्नर के आवास पर आयोजित एक समारोह में पीएम मोदी को यह रॉयल ऑर्डर प्रदान किया गया। ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार की स्थापना 1748 में की गई थी।
Jag tilldelades nyss Nordstjärneorden. Detta är inte bara en ära för mig, utan för hela Indiens 1,4 miljarder människor.
Det är också en hyllning till alla våra vänner i Sverige som har stärkt relationerna mellan Indien och Sverige och lagt en stark grund. Må vänskapen mellan… pic.twitter.com/MUjnrTEyTD— Narendra Modi (@narendramodi) May 17, 2026
गौरतलब है, कि यूरोपीय देश नीदरलैंड के बाद स्वीडन पहुँचे पीएम मोदी के दौरे पर दुनिया की नजर है। स्वीडन के साथ व्यापार, तकनीक, रक्षा और ग्रीन एनर्जी जैसे कई मुद्दों पर नए समझौते होने की उम्मीद है। यूरोपीय यूनियन के साथ मुक्त व्यापार समझौता हो चुका है। ऐसे में स्वीडन और भारत अगले 5 सालों में द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को दोगुना करने पर सहमत हो गए हैं।
पीएम मोदी और स्वीडन के पीएम उल्फ क्रिस्टर्सन के बीच रविवार को व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा और अन्य प्रमुख क्षेत्रों पर वार्ता हुई। इस दौरान भारत और स्वीडन ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने पर सहमति जताई। पीएम मोदी ने क्रिस्टर्सन और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वोन डेर लेयेन की उपस्थिति में भारत-स्वीडन के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, कि भारत दुनिया के साथ मिलकर भविष्य की नई साझेदारी को आगे बढ़ाना चाहता है। दोनों नेताओं ने आपसी व्यापार और निवेश को पांच साल में दोगुना करने का लक्ष्य भी तय किया है। उन्होंने कहा, कि आज के तनावपूर्ण वैश्विक माहौल में, भारत और स्वीडन जैसे लोकतंत्रों के बीच घनिष्ठ सहयोग विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
My remarks during the CEO Roundtable in Sweden. We are committed to boosting business ties between our nations. https://t.co/LMY6itZufK
— Narendra Modi (@narendramodi) May 17, 2026
पीएम मोदी ने कहा, “भारत ने तनाव को सुलझाने और चुनौतियों का सामना करने के साधन के रूप में संवाद और कूटनीति पर लगातार जोर दिया है। भारत और स्वीडन सहमत हैं, कि आतंकवाद पूरी मानवता के लिए गंभीर चुनौती है। पिछले वर्ष पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद स्वीडन के प्रधानमंत्री क्रिस्टर्सन ने भारत के रुख का समर्थन किया था।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, कि सुरक्षा, रक्षा साझेदारी और मोबिलिटी समझौतों के क्षेत्रों में भी हमारे सहयोग ने एक नई दिशा ली है। इसके अलावा, भारत-EU व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद ने हमारी साझेदारी को और मजबूत किया है। सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में भारत आज एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।”
बता दें, कि स्वीडन पहुँचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बेहद भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया गया। उनकी सुरक्षा के लिए स्वीडन के आसमान में स्वीडिश फाइटर जेट्स एस्कॉर्ट कर रहे थे। मोदी 8 साल बाद स्वीडन पहुँचे हैं। इससे पहले उन्होंने 2018 में स्वीडन का दौरा किया था। पीएम मोदी की अगवानी के लिए स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन खुद हवाई अड्डे पर पहुँचे।
गौरतलब है, कि प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक स्तर पर भारत का मान बढ़ाते हुए एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया है, जो भारतीय इतिहास में अब तक किसी अन्य नेता को नहीं मिला। 2014 में प्रधानमंत्री बने नरेंद्र मोदी को पहला वैश्विक सम्मान 2016 में मिला था। यह सऊदी अरब ने दिया था, इसके बाद 2026 तक आते-आते उनके लिए सम्मानों की झड़ी लग गई। अब तक उन्हें 31 अंतरराष्ट्रीय सम्मान से नवाजा जा चुका है।
