सुरेंद्र कोली (फोटो साभार: अमर उजाला)
हरिद्वार से बड़ी खबर सामने आई है। बताया जा रहा है, कि बहुचर्चित निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली ने सुसाइड कर ली। सुरेंद्र को कोर्ट ने निठारी कांड में निर्दोष बताते हुए बीते साल 2025 में बरी कर दिया था। उसका शव नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित भूपतवाला में शुक्रवार को चाय के खोखे के पास बरामद हुआ।
SHO कुंदन सिंह राणा ने आजतक को बताया, कि सुबह करीब 11:30 बजे इस संबंध में कॉल मिली थी। इसके बाद जब मृतक के पहचान संबंधी दस्तावेज जांचे गए, तो उसकी पहचान सुरेंद्र कोली निवासी ग्राम मंगरुखाल, भिकियासेड़ अल्मोड़ा के रूप में हुई। उसका शव चाय की दुकान में रस्सी के सहारे लटका मिला है।
घटना शहर कोतवाली की सप्त ऋषि पुलिस चौकी की है। जहां सप्त सरोवर रोड लालमाता मंदिर के सामने चाय की दुकान में पुलिस को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना प्राप्त हुई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया।
हरिद्वार, उत्तराखंड: निठारी केस के आरोपी सुरेंद्र कोली ने उत्तरी हरिद्वार के भूपतवाला इलाके में सप्त सरोवर रोड पर लाल माता मंदिर के सामने एक चाय की दुकान पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि कोली पिछले कुछ दिनों से वहां चाय बेच रहा था और उसकी लाश दुकान में रस्सी से… pic.twitter.com/GpIaf4i8y8
— IANS Hindi (@IANSKhabar) September 18, 2026
बताया जा रहा है, कि सुरेंद्र कोली कुछ दिन से हरिद्वार में चाय बेचने का काम कर रहा था। उसका शव चाय की दुकान में रस्सी के सहारे फंसे पर लटका मिला है। सुरेंद्र कोली मूल रूप से अल्मोड़ा का रहने वाला था, पुलिस ने परिजनों को सूचना देकर जांच शुरू कर दी है।
भूपतवाला में चाय का खोखा खोलने से पहले सुरेंद्र कोली हरिद्वार के रोशनाबाद में सिक्योरिटी गार्ड का काम कर रहा था। सुरेंद्र पिछले कुछ समय से भूपतवाला क्षेत्र की एक झुग्गी में रह रहा था और पास में ही चाय का खोखा लगाकर गुजर-बसर कर रहा था।
दुकान से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है, इसलिए पुलिस द्वारा हर एंगल से मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस सुरेंद्र कोली के हरिद्वार में रहने, परिचितों और पिछले कुछ समय की गतिविधियों के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है।
बता दें, कि सुरेंद्र कोली का नाम साल 2006 में सामने आए निठारी हत्याकांड से जुड़ा था। लंबे समय तक चले मुकदमों में उसे कई मामलों में दोषी ठहराया गया था। यह मामला वर्ष 2005-2006 के बीच नोएडा के निठारी गांव में बच्चों-युवतियों की गुमशुदगी और हत्या से जुड़ा एक सीरियल मर्डर केस था।
उस दौरान निठारी गांव के कई बच्चे अचानक गायब हो गए थे। बाद में मोनिंदर सिंह पंढेर की सेक्टर-31 वाली कोठी के पीछे बने नाले में कई नर कंकाल व हड्डियां बरामद हुई थीं, जिससे सनसनी फैल गई थी। इसी मामले में पंढेर के घर नौकरी करने वाला सुरेंद्र कोली भी आरोपी था।
मोनिंदर सिंह पंढेर और उसके नौकर सुरेंद्र कोली के खिलाफ कुल 19 मामले दर्ज किए गए थे। पंढेर को इनमें से 2 मामलों में सजा हुई, जबकि सुरेंद्र कोली को निचली अदालत ने कुल 13 मामलों में फांसी की सजा सुनाई थी। हालांकि, बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कई मामलों में उसे बरी कर दिया था।
साल 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने निठारी कांड के दोषी सुरेंद्र कोली को बरी कर दिया था। अदालत ने उसे तत्काल रिहा करने का निर्देश दिया था। हरिद्वार में अब उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना सामने आने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुटी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
