सांकेतिक चित्र
हरिद्वार जिले में सरकारी विभाग का एक क्लर्क रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया है। दरअसल, रोशनाबाद स्थित जीएसटी कार्यालय में कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटर को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए विजिलेंस की टीम ने गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है, कि आरोपित पिछले 18 सालों से जीएसटी विभाग में संविदा पर डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर तैनात था।
जानकारी के अनुसार, हरिद्वार निवासी एक व्यक्ति ने विजिलेंस से शिकायत की थी, कि उसकी फर्म हिमांशी पैकेजिंग इंडस्ट्री, जो वर्ष 2021 में बंद हो चुकी है। ऐसे में जीएसटी लागू होने से पहले के अंतिम तीन महीनों का वैट टैक्स विभाग द्वारा 1,76,000 रुपये बताया गया था।
आरोप है, कि बकाया राशि को खत्म करने के नाम पर जीएसटी विभाग में तैनात डेटा एंट्री ऑपरेटर प्रमोद सेमवाल ने 1,20,000 रुपये नकद रिश्वत की मांग की। आरोपित ने रिश्वत की यह रकम किस्तों में देने के लिए कहा था। शिकायत के आधार पर विजिलेंस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपित को पकड़ने के लिए जाल बिछाया।
इसी क्रम में मंगलवार 24 फरवरी को रोशनाबाद स्थित सहायक आयुक्त राज्य कर खंड 3 कार्यालय के पास डाटा एंट्री ऑपरेटर प्रमोद सेमवाल को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया गया।
विजिलेंस की गिरफ्त में आये आरोपी की पहचान प्रमोद सेमवाल पुत्र शिव शरण सेमवाल निवासी सिद्धार्थ एन्क्लेव, द्वारिका विहार, जगजीतपुर (हरिद्वार) के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। साथ ही उसके आय व्यय से लेकर तमाम जानकारियां खंगाल रही है।
बताया जा रहा है, कि आरोपी पिछले 18 सालों से उपनल के माध्यम से डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर सहायक आयुक्त राज्य कर खंड 3 हरिद्वार कार्यालय में कार्यरत था। आरोप है, कि वो पुराने वैट बिलों के निपटारे के नाम पर शिकायतकर्ता से लगातार पैसों की मांग कर रहा था। फिलहाल विजिलेंस टीम मामले की गहनता से जांच कर रही है।

