वसंत पंचमी के पावन पर्व पर टिहरी के नरेंद्रनगर राज दरबार में भगवान बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि की घोषणा की गई। बदरीनाथ धाम के कपाट वर्ष 2026 की 23 अप्रैल को सुबह 6:15 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। जबकि गाडू कलश यात्रा सात अप्रैल को आरंभ होगी।
वसंत पंचमी के शुभ अवसर पर सुबह गाडू घड़ा लेकर डिमरी पुजारी ऋषिकेश से नरेंद्र नगर राजदरबार पहुंचें। जहां महाराजा मनुजेंद्र ने शाह पंचांग पूजा के बाद भगवान बदरीविशाल के कपाट खुलने, भगवान के महाभिषेक में प्रयुक्त होने वाले लिए तिलों के तेल को पिरोने और गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा की तिथि घोषित की।
विश्व प्रसिद्ध भगवान श्री बदरीनाथ धाम के कपाट आगामी 23 अप्रैल को सुबह 6:15 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। गाडू घड़ा/घड़ी कलश यात्रा आगामी 7 अप्रैल को निकलेगी।#Badrinath #Uttarakhand #Chardham pic.twitter.com/sDWFRzYgNB
— Uttarakhand DIPR (@DIPR_UK) January 23, 2026
बता दें, कि धार्मिक मान्यता के अनुसार वसंत पंचमी के शुभ दिन भगवान बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय की जाती है। बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय करने के लिए सुबह से ही नरेंद्रनगर राजदरबार में धार्मिक समारोह शुरू हो गया था। विधिवत पूजा-अर्चना व पंचांग गणना के पश्चात बदरीनाथ मंदिर के कपाट खुलने की तिथि घोषित की गई।
कपाट खुलने की तिथि तय करने के दौरान धर्माचार्यों के साथ टिहरी राजपरिवार, बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति, और डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के सदस्य भी उपस्थिति रहे। वर्ष 2025 में कपाट चार मई को खुले थे और नवंबर में शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए थे। इसके बाद अब आगामी 23 अप्रैल 2026 को बदरीनाथ धाम के कपाट ग्रीष्म काल के खोले जाएँगे।
केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि 15 फरवरी को महाशिवरात्रि पर ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में पंचांग गणना के बाद रावल, धर्माधिकारी वेदपाठी तय करेंगे। इस साल चारधाम यात्रा 19 अप्रैल अक्षय तृतीया से शुरू होगी। परंपरागत रूप से गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया के दिन खोले जाएंगे।
वहीं गंगोत्री मंदिर समिति द्वारा हिंदू नववर्ष पर गंगोत्री धाम के कपाट खुलने व यमुनोत्री मंदिर समिति यमुना जयंती पर यमुनोत्री धाम के औपचारिक रूप से कपाट खुलने के समय व देवडोलियों के धाम पहुंचने के कार्यक्रम की घोषणा की जाएगी। इसी तरह द्वितीय केदार मद्महेश्वर व तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट खुलने की तिथि वैशाखी पर तय होगी।
