यूरोपीय देश बुल्गारिया (Bulgaria) में पुरातत्वविदों ने एक प्राचीन फ्रिज (Fridge) खोज निकाला है। इस प्राचीन फ्रिज में अभी भी बचा हुआ खाना है। खोजकर्त्ताओं के अनुसार, जिस स्थान पर यह फ्रिज बरामद हुआ है, वह पहले रोमन साम्राज्य (Roman Empire) का एक सैन्य शिविर हुआ करता था। इस फ्रिज का संबंध पहली शताब्दी से जुड़ा बताया जा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह प्राचीन फ्रिज बुल्गारिया के Svishtov शहर से करीब चार किलोमीटर पूर्व में स्थित नोवा (Novae) पुरातात्विक स्थल में पाया गया है। यह फ्रिज सिरेमिक प्लेटों से बनाया गया है। इसमें अभी भी जानवरों की हड्डियाँ, व्यंजन के टुकड़े और पके हुए मांस के निशान संरक्षित है।
Polish archaeologists have discovered an ‘ancient fridge’ during excavation work at a Roman legion camp in Bulgaria. #bulgaria #romanlegioncamp #RomanLegion #LegionCamp #archeology #Novae @UniWarszawskihttps://t.co/xWmbLfqAP1 pic.twitter.com/KazbgGNAxZ
— Science in Poland (@ScienceinPoland) October 9, 2022
पोलैंड में वारसॉ विश्वविद्यालय के पुरातत्वविदों ने इसे 7 अक्टूबर 2022 को दुनिया के सामने लाया है। यूनिवर्सिटी के एंटिकिटी ऑफ साउथईस्टर्न यूरोप रिसर्च सेंटर के प्रोफेसर पिओट्र डाइजेक के मुताबिक, प्राचीन फ्रिज और उसके अंदर मिली सामग्री की सही उम्र के बारे में अभी पता लगाया जाना शेष है।
हालाँकि पुरातत्वविदों ने यह जानकारी नहीं दी, कि फ्रिज किस तकनीक पर काम करता था, लेकिन सामान्यतौर पर उन्हें जमीन के नीचे गड्ढों में रखा जाता था, जो गर्मियों में सामग्री को अच्छी तरह से ठंडा रखने के लिए बर्फ से ढके होते थे। डाइजेक ने बताया, कि ऐसे ‘रेफ्रिजरेटर’ की खोज बेहद दुर्लभ है, क्योंकि इमारतों के पुनर्निर्माण के दौरान सम्भतः ही ये संरक्षित रह पाते है।
पुरातत्वविदों के अनुसार, नोवा शहर को पहली शताब्दी ईसवी में रोमन सैनिकों के लिए डेन्यूब नदी पर एक स्थायी सैन्य शिविर के रूप में बसाया गया था। यहाँ मिले प्राचीन किले में पाँचवीं शताब्दी के मध्य तक सैनिक रहा करते थे। एक अनुमान के अनुसार, लगभग 6.2 मील नहर और दो बड़े पानी के टैंकों से बुल्गारिया स्थित रोमन सेना के शिविर तक पानी पहुँचाया जाता था।
प्राचीन फ्रिज के अलावा पुरातत्वविदों को सिक्कों का एक संग्रह मिला, जिनमें से अधिकांश कांस्टेंटाइन द ग्रेट के शासनकाल के आरंभ से लेकर तीसरी शताब्दी के मध्य में तक के बताये जा रहे है। प्रोफेसर ने बताया कि इस क्षेत्र में चल स्मारकों का भी पता लगाया गया है, और उनमें से सबसे अहम है, दो रोमन वेदियाँ। इन वेदियों पर अभिलेख भी शामिल है।
वेदियों पर अंकित एक अभिलेख सूर्य देवता को समर्पित है, जिन्हें मिथ्रा कहा जाता था। वहीं, दूसरा वेदी कैपिटोलिन ट्रिनिटी (बृहस्पति, मिनर्वा, जूनो) को समर्पित है। इसे इटली की पहली सैन्य टुकड़ी के सेनापति द्वारा दान किया गया था। डाइजेक ने कहा, वेदियों के दाताओं के कार्य बहुत दिलचस्प हैं। सेनापति सेना का निशान पहनता था और यह एक श्रेष्ठ पद था। अब तक, ऐसे उच्च पदों पर बैठे पुरुषों को चित्रित करने वाले कुछ शिलालेख पाए गए है।
