सुनेत्रा पवार लेंगी महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ (चित्र साभार: आजतक)
महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी CM और NCP नेता अजित पवार के निधन के बाद पार्टी ने एक बड़ा फैसला लिया है। जानकारी के मुताबिक, अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार आज शनिवार को महाराष्ट्र की पहली उपमुख्यमंत्री का पदभार संभालेंगी। बताया जा रहा है, कि यह निर्णय महायुति सरकार के भीतर सत्ता संतुलन और राजनीतिक समीकरण को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के 40 विधायक शनिवार (31 जनवरी 2026) की दोपहर 2 बजे मुंबई के विधान भवन में बैठक कर सुनेत्रा पवार विधायक दल का नेता चुनेंगे, जिसके बाद शाम 5 बजे लोक भवन में शपथ ग्रहण समारोह होने की संभावना है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा, कि पार्टी ने सुनेत्रा पवार के नाम पर सहमति बना ली है।
न्यूज एजेंसी ANI की एक्स पोस्ट के अनुसार, सुनेत्रा पवार के डिप्टी CM बनने की खबरों पर महाराष्ट्र के मंत्री छगन भुजबल ने कहा, “यह अच्छी बात है। लोग भी यही चाहते हैं, और हमारे विधायक भी यही मांग कर रहे है। यह बिल्कुल सही है, वर्तमान हालात में सुनेत्रा ताई को ही लेजिस्लेटिव पार्टी की नेता और डिप्टी सीएम होना चाहिए।”
#WATCH | Mumbai: On reports of Sunetra Pawar to be Deputy CM, Maharashtra Minister Chhagan Bhujbal says, "It is good. People want it, and our MLAs are also demanding the same. This is absolutely right. Under the current circumstances, Sunetra taai should indeed be the Leader of… pic.twitter.com/FLR4MbwiY3
— ANI (@ANI) January 31, 2026
वहीं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है, “हम NCP और अजीत पवार के परिवार द्वारा लिए गए फैसले का समर्थन करेंगे। सरकार और पार्टी के तौर पर हम उनके और पवार परिवार के साथ खड़े हैं। NCP नेताओं ने मुझसे दो बार मुलाकात की और पार्टी की आंतरिक प्रक्रिया और उनके सामने मौजूद विकल्पों पर चर्चा की।”
सूत्रों का कहना है, कि NCP के वरिष्ठ नेताओं ने सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाने का प्रस्ताव पार्टी की भविष्य की दिशा तय करने के उद्देश्य से रखा था। वहीं इस कदम का असली मकसद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी पर नियंत्रण बनाए रखना और पार्टी को दोबारा शरद पवार के हाथों में जाने से रोकना भी बताया जा रहा है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, अजित पवार के प्लेन क्रैश में निधन के बाद जैसे ही इस बात के संकेत मिले, कि दोनों एनसीपी के एक होने की स्थिति में पार्टी का पूरा नियंत्रण फिर से शरद पवार के पास जा सकता है, उसी समय महायुति ने अपना राजनीतिक दांव चला। इसी रणनीति के तहत सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री का दायित्व सौंपने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
बता दें, कि सुनेत्रा पवार फिलहाल विधानसभा अथवा विधान परिषद की सदस्य नहीं है, इसलिए उन्हें उपचुनाव लड़ना होगा या ऊपरी सदन में नामांकन कराना पड़ेगा। इसी क्रम में दिवंगत अजित पवार की बारामती सीट पर अगले छह महीनों में उपचुनाव भी तय माना जा रहा है।

