बॉलीवुड के दिवंगत अभिनेता गैविन पैकर्ड, (फोटो साभार : NDTV)
अंग्रेजियत वाली शक्ल और मजबूत कद-काठी वाले गैविन पैकर्ड भले ही विदेशी नजर आते है, परन्तु गैविन आयरिश-अमेरिकन बैकग्राउंड से थे, उनका जन्म मुंबई शहर के पास कल्याण में हुआ था। गैविन पैकर्ड ने 1989 से लेकर 2002 तक अपने 14 साल के फिल्मी करियर में तकरीबन लगभग 60 हिंदी और कई साउथ इंडियन फिल्मों में काम किया था।
गौरतलब है, कि गैविन पैकर्ड जब स्क्रीन पर आते थे, तो एक खूंखार विलेन के रूप में उनका रूप देख दर्शक भी डर जाते थे। हालांकि असल जिंदगी में गैविन बेहद शांत और विनम्र स्वभाव के थे। गैविन पैकर्ड एक ऐक्टर ही नहीं बल्कि नैशनल अवॉर्ड विनिंग बॉडीबिल्डर भी थे।
नब्बे के दशक में ‘इलाका’ फिल्म से उन्होंने बॉलीवुड में अपना पहला कदम रखा था। गैविन पैकर्ड ने जैसी कद काठी उस जमाने बनायी थी, वैसी कद काठी उस दौर में किसी फ़िल्म के हीरो की भी नहीं होती थी और ऐसा बहुत कम देखने को मिलता था, कि किसी कलाकार ने अपने शरीर की मांसपेशियों को जिम में पसीना बहाकर आकार दिया हो।
गैविन पैकर्ड ज्यादातर एक्शन फिल्मो में मुख्य विलेन के राइट हैंड बनकर मात्र कुछ समय के लिए नजर आते थे, परन्तु उनकी फिल्म में मौजूदगी दर्शकों को भयभीत करने के लिए काफी होती थी। गेविन पैकर्ड सलमान खान, संजय दत्त, सुनील सेठी और अक्षय कुमार तक सभी नामचीन सितारों के साथ काम कर चुके है।
इसके अलावा गैविन पैकर्ड ने संजय दत्त और सुनील शेट्टी के अलावा सलमान खान के बॉडीगार्ड शेरा तक को ट्रेनिंग दी थी। भले ही फिल्मों में गैविन की भूमिका छोटी भूमिका होती थी, पर वह उनके दम पर अपनी छाप छोड़ने में कामयाब रहे, लेकिन एक वक्त ऐसा भी आया जब इंडस्ट्री ने उन्हें अनदेखा करना शुरू कर दिया।
2002 उनकी आख़िरी फ़िल्म ‘ये है जलवा’ आयी, जिसे डेविड धवन ने निर्देशित किया था। अचानक फिल्मो से गायब होने का कारण उनकी जिंदगी में पारिवारिक तनाव का होना बताया जा रहा था। वाइफ से तलाक होने के बाद वो डिप्रेस्शन में चले गए। 2010 में उनका एक्सीडेंट हुआ, जिसके बाद वो मुंबई में अपने भाई के पास ही रहने लगे।
2012 में साँस की बीमारी के चलते उनकी मृत्यु हो गई। उन्हें बांद्रा के कब्रिस्तान में दफनाया गया था। आपको यह जानकर हैरानी होगी, कि जब गेविन पैकर्ड ने दुनिया को अलविदा कहा, तो फिल्म जगत में इतना लंबा समय बिताने के बावजूद बॉलीवुड की तरफ से कोई एक भी सेलेब्रिटी उनके अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुआ।
बता दें, कि कुछ महीने पहले दिए एक इंटरव्यू के दौरान गैविन पैकर्ड की बेटी एरिका पैकर्ड ने इस दर्दनाक हकीकत को बयान करते हुए बताया, “ये इंडस्ट्री वैसी ही है, जब तक आप टॉप पर हैं, लोग आपको सिर पर बिठाते हैं, लेकिन जैसे ही आप कमजोर पड़ते हैं या आपके पास काम कम हो जाता है, लोग आपको भूल जाते हैं।”

