हरिद्वार पुलिस ने 48 घंटे में सुलझाई ब्लाइंड मर्डर केस की गुत्थी, (फोटो साभार : X@haridwarpolice)
हरिद्वार पुलिस ने कोतवाली रानीपुर क्षेत्र में दिव्यांग ई-रिक्शा चालक की हत्या का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने हत्या में शामिल एक आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरा फरार बताया जा रहा है। बताया जा रहा है, मोबाइल छीनने का विरोध और पुलिस के डर से हत्यारोपियों ने ई-रिक्शा चालक का गला दबाकर उसे मौत के घाट उतार दिया।
रानीपुर कोतवाली में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोबाल ने बताया, कि विष्णु लोक कॉलोनी निवासी राम आसरे ने बुधवार 4 फरवरी को अपने बेटे मनीष की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस ने जाँच के दौरान मनीष के मोबाइल पर दर्ज आखिरी कॉल के आधार पर अयान निवासी पांवधोई ज्वालापुर को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की।
दिव्यांग की गुमशुदगी से मर्डर मिस्ट्री तक, हरिद्वार पुलिस ने 48 घंटे में हत्यारों को किया बेनकाब
👮♂️ SSP हरिद्वार के नेतृत्व में पुलिस को मिली बड़ी सफलता
🧩✅ ब्लाइंड मर्डर केस की गुत्थी सुलझी, आरोपी अयान गिरफ्तार
📱 मोबाइल छीनने का विरोध ई-रिक्शा चालक मनीष को पड़ा भारी pic.twitter.com/oqkPgadjXc
— Haridwar Police Uttarakhand (@haridwarpolice) February 7, 2026
पूछताछ में सामने आया, कि अयान ने कुछ दिनों पहले मनीष से मोबाइल लिया था और फोन लेकर फरार हो गया। उसने मोबाइल स्विच ऑफ कर सिम भी तोड़ दिया। जब मनीष ने अयान के घर जाकर अपना मोबाइल मांगा और पुलिस में शिकायत की धमकी दी। तब अयान ने अपने साथी बिलाल जो हाल ही में जेल से छूटा था के साथ मिलकर खौफनाक साजिश रची।
योजना के तहत अयान ने शाम के समय मोबाइल लौटने का वादा कर मनीष को भेल क्षेत्र में मिलने बुलाया। जहाँ बिलाल ने मनीष को पकड़ा और अयान ने गला घोंटकर उसकी जान ले ली। साक्ष्य मिटाने के लिए शव को प्लास्टिक के कट्टे में भरकर पास की झाड़ियों में फेंक दिया। वहीं मनीष की ई-रिक्शा को रोड़ी बेलवाला में छोड़कर दोनों फरार हो गए।
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया, कि आरोपित की निशानदेही पर ई-रिक्शा चालक का शव बरामद कर लिया गया है। फरार आरोपित की तलाश में एक पुलिस टीम दबिश दे रही है।

