भारत-EU के बीच मुक्त व्यापार समझौता, (फोटो साभार : X@narendramodi)
भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच मंगलवार को फ्री ट्रेड डील का ऐलान हो चुका है। दोनों देशों ने टैरिफ में बड़ी कटौती और कुछ उत्पाद पर टैरिफ समाप्त करने पर सहमति जताई है। दरअसल, भारत और यूरोपीय संघ ने ज्यादातर प्रोडक्ट्स पर टैरिफ जीरो कर दिया है या टैरिफ को कम कर दिया है। साथ ही इस ट्रेड डील से भारत में भी बहुत सी चीजें सस्ती हो जाएंगी।
मंगलवार, (27 जनवरी 2026) को 16वें भारत- यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा की मेजबानी की। संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग में पीएम मोदी ने भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच होने वाली फ्री ट्रेड डील (FTA) को ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ बताया है।
#WATCH | Delhi | On signing of India-EU Free Trade Agreement, PM Modi says, "Today, India has concluded the biggest Free Trade Agreement in its history. On 27th January, India signed this FTA with 27 European nations…This will boost investment, form new innovation partnerships… pic.twitter.com/gQcJwXZWPF
— ANI (@ANI) January 27, 2026
पीएम मोदी ने कहा, कि यह समझौता देश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों के लिए जरूरी है। उन्होंने इस समझौते को व्यापार, उत्पादन और लंबे समय तक आर्थिक विकास के लिए बहुत बड़ा बदलाव लाने वाला बताया है। पीएम मोदी ने इस डील की सराहना करते हुए कहा, कि इससे भारत में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “यह समझौता दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच तालमेल का एक शानदार उदाहरण है। यह डील ग्लोबल जीडीपी के लगभग 25 प्रतिशत और ग्लोबल ट्रेड के लगभग एक-तिहाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करती है। यह समझौता ट्रेड के साथ-साथ डेमोक्रेसी और रूल ऑफ लॉ के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता को भी सशक्त करता है।”
भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते पर यूरोपियन यूनियन कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा, कि जब भारत सफल होता है, तो दुनिया अधिक स्थिर, समृद्ध और सुरक्षित होती है। हम सभी को उससे लाभ होता है। उन्होंने पिछले साल EU कॉलेज ऑफ कमिश्नर्स की भारत यात्रा को याद करते हुए बताया, कि यह दोनों भागीदारों के बीच प्रतिबद्धता की गंभीरता को दर्शाता है।
अधिकारियों के मुताबिक, कानूनी जांच के बाद लगभग करीब छह महीने में FTA डील पर हस्ताक्षर हो जाएंगे। इस FTA डील के अगले साल प्रभाव में आने की उम्मीद है। इस डील के बाद कार से लेकर केमिकल्स तक की चीजों के दाम कम हो सकते है। यह समझौता शराब, खाद्य उत्पाद, रसायन, मशीनरी, फार्मास्यूटिकल्स और एयरोस्पेस जैसे प्रमुख चीजों के दाम में कटौती कर सकता है।

