सांकेतिक चित्र (फोटो साभार: NDTV)
पौड़ी जिले में गुलदार ने नेपाल मूल के एक व्यक्ति को अपना निवाला बना लिया। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने घटना की जानकारी प्रशासन और वन विभाग को दी। वन विभाग के मुताबिक, घटना सुबह साढ़े छह से सात बजे के बीच की बताई जा रही है। वहीं, गुलदार के हमले की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों का आक्रोश भड़क उठा।
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार 15 जनवरी को बाड़ा गांव में गुलदार के हमले में एक नेपाली मूल के व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान 45 वर्षीय लक्ष्मण के रूप में हुई है। लक्ष्मण गांव के समीप धारे में मकर संक्रांति के स्नान को सुबह करीब 6 बजे गया था, तभी सड़क किनारे घात लगाए गुलदार ने अचानक हमला कर काफी दूर जंगल की ओर घसीट ले गया।
ग्रामीणों का कहना है, कि बाड़ा के पास स्थित गांव गजल्ड में भी पहले गुलदार के हमले की घटनाएं हो चुकी है। उस समय गुलदार को शूट किए जाने के बाद कुछ समय तक लोगों ने राहत की सांस ली थी, लेकिन अब एक बार फिर गुलदार की सक्रियता से लोगों में डर का माहौल है। बीते दिसंबर माह में ग़जल्द गांव में गुलदार ने एक युवक को मार डाला था।
उत्तराखंड में मानव- वन्यजीव संघर्ष थम नहीं रहा।
पौड़ी गढ़वाल की इडवालस्यूँ पट्टी से एक और दिल दहला देने वाली खबर आई है।
बाड़ा गांव में आदमखोर गुलदार ने एक नेपाली मजदूर पर हमला कर उसकी जान ले ली। ग्रामीणों ने मौके से मजदूर का अधखाया शव बरामद किया।गांव में डर और गुस्सा दोनों… pic.twitter.com/7fITNUbRG0
— Kumaon Jagran (@KumaonJagran) January 15, 2026
डीएफओ पौड़ी हतिम यादव ने बताया, “जिस स्थान पर शव बरामद हुआ है, वहां विभागीय प्रक्रिया के तहत सैंपलिंग की जा रही है। गुलदार को शूट करने की मांग ग्रामीणों द्वारा की जा रही है। इस संबंध में उच्च अधिकारियों से लगातार वार्ता की जा रही है। जैसे ही उच्च स्तर से आदेश मिलेंगे, उसी अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी।”
वहीं ग्राम पंचायत बाड़ा में गुलदार के हमले की घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है, कि गुलदार दिखाई देने के संबंध में लगातार वन विभाग को सूचित किया जा रहा है। हालांकि, इसके बावजूद वन विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। जिससे प्रशासन व वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे है।
