फाइल चित्र, (चित्र साभार: T.O.I)
दिल्ली स्थित लाल किले के पास हुए ब्लास्ट से जुड़े तार खंगालते हुए NIA की टीम ने बीते शुक्रवार की देर रात हल्द्वानी के कई इलाकों में दबिश दी। जाँच एजेंसी ने ढाई बजे रात कार्रवाई करते हुए हल्द्वानी के बनभूलपुरा स्थित बिलाली मस्जिद के इमाम को उठाया है। बताया जा रहा है, कि एनआईए की टीम दो संदिग्धों को अपने साथ दिल्ली ले गई है।
NIA के एक्शन के बाद शनिवार सुबह से बनभूलपुरा में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात रही। मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है, “दिल्ली ब्लास्ट मामले में आतंकी उमर की कॉल डिटेल खंगाली गई, तो हल्द्वानी का कनेक्शन सामने आया। इसके बाद के दिल्ली से एनआईए की टीम हल्द्वानी पहुंची और बनभूलपुरा इलाके में स्थित मस्जिद में छापा मारा।”
शुक्रवार देर रात दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम के साथ ही एलआईयू दिल्ली की टीम ने हल्द्वानी के संवेदनशील मुस्लिम बाहुल्य इलाके बनभूलपुरा में दबिश देकर बिलाली मस्जिद के इमाम को हिरासत में लिया। बताया जा रहा है, कि एनआईए को मस्जिद के इमाम के खिलाफ कुछ अहम सबूत हाथ लगे हैं, सूत्रों के मुताबिक, पुलिस उसे लेकर दिल्ली चली गई।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इमाम के अलावा एक और संदिग्ध को पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया है। वहीं, दबिश के बाद संवेदनशील इलाको में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई। फिलहाल एहतियात के तौर पर हल्द्वानी के वनभूलपुरा इलाके में चौकसी बढ़ा दी गई है। इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात कर दिया गया है।
बता दें, कि दिल्ली में 10 नवंबर सोमवार शाम लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास कार में जोरदार ब्लास्ट हुआ था। इस घटना ने देश को झकझोर कर रख दिया था। आतंकी हमले में दर्जन भर से अधिक लोगों की जान गई थी और कई घायल हुए थे। वहीं राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने इस घटना पर तेजी से कार्रवाई करते हुए कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।
दिल्ली धमाके मामले में एनआईए ने आरोपित आमिर राशिद अली को पेश किया था। एनआईए ने दावा किया, कि आमिर ने फिदाईन हमलावर डॉ. उमर नबी को सुरक्षित ठिकाना उपलब्ध कराया और लॉजिस्टिक सहायता प्रदान की थी। इस ब्लास्ट में उत्तराखंड का एक युवक भी घायल हुआ था।
गौरतलब है, कि उत्तराखंड के हल्द्वानी का बनभूलपुरा इलाका संदिग्ध गतिविधियों का अड्डा बनता जा रहा है। हल्द्वानी में डेमोग्राफी बदलाव सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभर रही है। हल्द्वानी रेलवे स्टेशन के पास स्थित गोला नदी क्षेत्र में लंबे समय से झोपड़ियां बनाकर अतिक्रमण किया जा रहा था। बनभूलपुरा में वन विभाग और नदी श्रेणी की जमीन पर लगातार अवैध कब्जे हो रहे है।
बाहरी लोग विशेषकर अवैध बांग्लादेशी और रोहिंगा बनभूलपुरा आकर अवैध रूप बसावट कर रहे है। ये लोग गोला नदी में खनन श्रमिक के तौर पर आते है और उसके बाद पूरे परिवार व रिश्तेदारों को लाकर अतिक्रमण करके बस रहे है। कई लोग चोरी-छिपे अपनी पहचान छिपाकर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे है और बनभूलपुरा को अपना छिपने का अड्डा बनाया हुआ है।
इसके अलावा कुछ दिनों पहले कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत द्वारा हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में एक कॉमन सर्विस सेंटर पर अचानक छापा मारा था। इस दौरान सेंटर में नकली स्थाई निवास प्रमाण पत्र सहित कई तरह के फर्जी दस्तावेज बनाए जाने का खुलासा किया। जांच में सामने आया, कि रईस अहमद नाम का शख्स इन फर्जी प्रमाणपत्रों को तैयार कर रहा था।

