मकर संक्रांति पर हरिद्वार में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
सनातन हिंदू धर्म में मकर संक्रांति के दिन गंगा स्नान का धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व है। बुधवार (14 जनवरी 2026) को मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर धर्मनगरी हरिद्वार में गंगा स्नान करने के लिए आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। कड़ाके की ठंड में सुबह 4 बजे से हरकी पैड़ी पर गंगा स्नान करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
मकर संक्रांति के पावन पर्व पर गंगा स्नान कर पुण्य अर्जित करने के लिए उत्तरकाशी से लेकर हरिद्वार तक श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। इस पावन अवसर पर देव डोलियों ने भी स्नान किया। मकर संक्रांति के दिन गंगा स्नान करने के उपरांत तिल और खिचड़ी के साथ वस्त्रों का दान करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है।
उत्तराखंड में मकर संक्रांति का पर्व आज हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर हरिद्वार के हर की पैड़ी सहित विभिन्न गंगा घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान कर रहे हैं।#MakarSankranti #haridwar #shradhalu pic.twitter.com/RPDoZZf8dc
— Akashvani News Uttarakhand 🇮🇳 (@airnews_ddn) January 14, 2026
गंगा नदी में स्नान करने से पापों से मुक्ति और पुण्यों की प्राप्ति होती है, जिसके चलते श्रद्धालुओं की भारी भीड़ हरिद्वार के घाटों पर जुटती है। वहीं हरिद्वार में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने के कारण प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किये गए थे। हरकी पैड़ी और आसपास के मेला क्षेत्र को 8 जोन और 22 सेक्टरों में बांटकर सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई।
साथ ही सभी सेक्टर और जोनों में सेक्टर मजिस्ट्रेट और जोनल ऑफिसर की तैनाती की गई। पुलिस, अर्धसैनिक बल और NDRF की टीमों को घाटों पर तैनात किया गया था। इसके अलावा स्वास्थ्य सेवाओं के मद्देनजर आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं प्रत्येक स्थान पर उपलब्ध कराई गईं।
🛕…हरकी पैड़ी, कोहरे और ठंड के बीच आस्था का अद्भुत नज़ारा।
🌊 मकर संक्रांति स्नान पर्व के अवसर पर श्रद्धालु लगा रहे मां गंगा में आस्था की डुबकी
🚔 श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं व्यवस्था को लेकर हरिद्वार पुलिस पूरी तरह अलर्ट
🙏सकुशल स्नान पर्व संपन्न कराने में जुटा पुलिस प्रशासन pic.twitter.com/HqEd73jIiR
— Haridwar Police Uttarakhand (@haridwarpolice) January 14, 2026
प्रशासन ने यातायात और पार्किंग व्यवस्था को सुचारू बनाने के साथ ही सीसीटीवी के माध्यम से भी निगरानी की व्यवस्था बनाई। घाटों पर गोताखोरों और जल पुलिस की टीमें मुस्तैद रही। जबकि आपात स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सा शिविर, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की व्यवस्था भी की गई।

