विधायक पुत्र को हूटर बजाना पड़ा महंगा,फोटो साभार: (X@ETVBharatUK)
पर्यटक स्थल नैनीताल घूमने आए विधायक पुत्र को यातायात नियमों का उल्लंघन और वीआईपी कल्चर का रौब दिखाना महंगा पड़ गया। दरअसल, मालरोड पर जाम के दौरान बिना अनुमति हूटर बजाने और एसडीएम से बहस करने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए विधायक के बेटे का वाहन को सीज कर दिया। वहीं मौके पर वाहन चालक अपना डीएल भी नहीं दिखा पाया।
जानकारी के मुताबिक, नैनीताल मॉल रोड पर एक गाड़ी लगातार हूटर बजा रही थी। वाहन पर उत्तर प्रदेश विधानसभा विधायक का स्टीकर लगाया हुआ था। इस दौरान वहां से गुजर रहे उपजिलाधिकारी नवाजिश खलीक की नजर उस गाड़ी पर पड़ी। एसडीएम ने वाहन रुकवाकर पूछताछ की।
जब एसडीएम ने विधायक की जानकारी मांगी, तो उनका बेटा गलती स्वीकार करने के बजाय एसडीएम से बहस करने लगा। साथ ही सत्ता का रौब दिखाते हुए बदतमीजी करने लगा। आरोप है, कि विधायक के बेटे ने मुख्यमंत्री का नाम लेकर भी एसडीएम पर दबाव बनाने की कोशिश की, ताकि उसकी गाड़ी को छोड़ा जा सके।
मामला काफी बढ़ जाने की वजह से कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई। दोनों के बीच सड़क पर काफी देर तक बहस होती रही। आखिर में मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने पुलिस को बुलाया। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब वाहन के दस्तावेज ऑनलाइन चैक किए, तो वाहन के दस्तावेज नहीं मिले।
इसके बाद पुलिस ने मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालन काटते हुए फॉर्च्यूनर कार को मौके पर ही सीज कर दिया। तल्लीताल थाने के एएसआई सुनील कुमार ने बताया, कि यातायात नियमों के उल्लंघन पर यूपी 33वी 0003 कार को सीज कर दिया गया है। साथ ही वाहन के दस्तावेज नहीं होने पर वाहन स्वामी उन्नाव निवासी सुरेंद्र कुमार सिंह के खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई है।
इस मामले में नैनीताल के सीओ सिटी रविकांत सेमवाल ने बताया कि शहर की मॉल रोड में उत्तर प्रदेश के विधायक की गाड़ी हुटर बजाते हुए जा रही थी, जिसमें अधिकृत व्यक्ति मौजूद नहीं थे। जब उन्हें स्थानीय लोगों ने टोका, तो कार सवार शख्स उनसे अभद्रता करने लगे। इस दौरान वहां से एसडीएम की गाड़ी भी गुजर रही थी।
सीओ सिटी रविकांत सेमवाल का कहना है, कि जब एसडीएम ने कार सवार व्यक्ति से हुटर बजाने का कारण पूछा, तो वो उल्टा एसडीएम के साथ अभद्रता करने लगा। इसके बाद एसडीएम ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने गाड़ी में लगे हूटर के बारे में जानकारी मांगी, तो उन्होंने बताया गाड़ी विधायक राजेश पटेल की है और गाड़ी में उनका बेटा सवार है।
साथ ही वाहन चालक के पास गाड़ी के वैध दस्तावेज भी नहीं मिले, इसके बाद गाड़ी को सीज कर दिया गया। गौरतलब है, कि प्रशासन द्वारा की गई यह कार्रवाई नैनीताल में वीआईपी कल्चर के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखी जा रही है।
