गिग वर्कर्स (फोटो साभार: ऑपइंडिया)
केंद्र सरकार ने डिलीवरी पार्टनर्स की सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को ध्यान में रखते हुए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म की 10 मिनट की डिलीवरी पर रोक लगा दी है। दरअसल, 10 मिनट की टाइम लिमिट के चलते डिलीवरी बॉय पर तेज डिलीवरी का दबाव बढ़ रहा था और सड़क हादसों और सुरक्षा जोखिमों की आशंका बनी हुई थी।
रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने इस मुद्दे पर क्विक कॉमर्स सेक्टर में सक्रिय कंपनियों से बात की थी। श्रम मंत्री के हस्तक्षेप के बाद Blinkit ने अपने सभी ब्रांड से 10 मिनट में डिलीवरी का दावा हटा दिया है। ब्लिंकट ने सरकार को भरोसा दिया है, कि वे अपने प्लेटफॉर्म से इस तरह का कोई भी विज्ञापन नहीं देंगे।
#Blinkit has removed its ’10-minute’ delivery promise across all platforms following intervention by the Union Ministry of Labour. This move comes after a nationwide gig worker strike on New Year’s Eve 2025, which highlighted concerns over delivery personnel’s health, safety, and… pic.twitter.com/BXmeELDUra
— Economic Times (@EconomicTimes) January 13, 2026
उम्मीद की जा रही है, कि दूसरे प्लेटफॉर्म भी जल्द ही ऐसा कदम उठाएंगे। बता दें, कि संसद के शीतकालीन सत्र में आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने भारत के गिग वर्कर्स की परेशानियों के बारे में आवाज उठाई थी। उन्होंने क्विक कॉमर्स और अन्य ऐप-आधारित डिलीवरी और सेवा व्यवसायों के लिए नियमों की मांग की थी।
इसके अलावा अभी नए साल से ठीक एक दिन पहले गिग वर्कर्स की सुविधाओं को लेकर पूरे देश में मुद्दा उठाया गया था। उसके बाद सरकार और कंपनियों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई थी। उस समय यह निर्णय लिया गया, कि गिग वर्कर्स को सरकारी पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा और कंपनियां इस प्रक्रिया में वर्कर्स की मदद करेंगी।
