सांकेतिक चित्र
उत्तराखंड में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सप्लाई की स्थिति को इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के डिविजनल रिटेल सेल्स हेड और स्टेट लेवल कोऑर्डिनेटर कृष्ण कुमार गुप्ता ने स्पष्ट किया है, कि, वर्तमान स्थिति भले ही सामान्य न दिख रही हो, लेकिन राज्य में ईंधन की सप्लाई पूरी तरह सुचारु और पर्याप्त है।
सोमवार (6 अप्रैल 2026) को सूचना प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत पीआईबी देहरादून में आईओसीएल, उत्तराखंड के राज्य स्तरीय समन्वयक, तेल उद्योग ने एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता तथा गलत सूचना का मुकाबला करने के उपाय को लेकर पत्रकारों से वार्ता की।
डिविजनल रिटेल सेल्स हेड, आईओसीएल-उत्तराखण्ड, राज्य स्तरीय समन्वयक, तेल उद्योग कृष्ण कुमार गुप्ता ने बताया, कि पश्चिम एशिया में जारी घटनाक्रमों को ध्यान में रखते हुए प्रमुख क्षेत्रों पर अद्यतन जानकारी में नागरिकों को एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने और अनावश्यक वितरकों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है।
उन्होंने कहा, कि डायवर्जन रोकने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) आधारित एलपीजी डिलीवरी फरवरी 2026 में 53 प्रतिशत से बढ़कर कुल 90 प्रतिशत हो गई । मार्च 2026 से अब तक 3.6 लाख कनेक्शनों में गैस कनेक्शन स्थापित होने और 3.9 लाख से अधिक नए पंजीकरण के साथ पीएनजी के विस्तार में गति है।
प्रेस वार्ता में बताया गया, कि भारत अपनी कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की लगभग 80% जरूरत आयात के माध्यम से पूरी करता है। तेल कंपनियां केंद्र सरकार और राज्य सरकार के साथ समन्वय बनाकर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्य कर रही हैं और पूरी स्थिति पर क्लोज मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि किसी प्रकार की कमी न हो।
आईओसीएल, उत्तराखण्ड की तरफ से बताया गया, कि आगामी चारधाम यात्रा के लिए एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती खपत को लेकर केंद्र सरकार को राज्य की तरफ से मांग भेजी जा रही है।
सूचना प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत पीआईबी देहरादून में आईओसीएल-उत्तराखण्ड के राज्य स्तरीय समन्वयक, तेल उद्योग ने एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता तथा गलत सूचना का मुकाबला करने के उपाय को लेकर पत्रकारों से वार्ता की।
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— Uttarakhand DIPR (@DIPR_UK) April 6, 2026
LPG को लेकर प्रेस वार्ता में जानकारी दी गई, कि भारत की लगभग 60% LPG की आवश्यकता आयात से पूरी होती है। सभी रिफाइनरियां पूर्ण क्षमता पर चल रही हैं और एलपीजी उत्पादन को बढ़ाया गया है। उत्तराखंड राज्य में उपभोक्ताओं को लगातार एलपीजी आपूर्ति की जा रही है, लेकिन वर्तमान में लगभग 6 दिनों का बैकलॉग है, जिसका मुख्य कारण उपभोक्ताओं द्वारा घबराहट में रिफिल बुकिंग करना है।
कृष्ण कुमार गुप्ता ने बताया, कि लगभग 85 फीसदी बुकिंग ऑनलाइन हो रही हैं और डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) का कार्यान्वयन भी 85 प्रतिशत तक हो चुका है। घरेलू एलपीजी आपूर्ति औसतन 18 लाख प्रति माह है। मार्च में जहां प्रतिदिन लगभग 65,000 सिलेंडर की आपूर्ति हो रही थी, वहीं वर्तमान में यह घटकर लगभग 56,000 प्रतिदिन (लगभग 85%) रह गई है।
उन्होंने बताया, कि गैर-घरेलू एलपीजी की आपूर्ति औसतन 1.6 लाख प्रति माह है, जिसमें रोजना लगभग 5,000 सिलेंडर की आपूर्ति होती थी, लेकिन वर्तमान में यह घटकर लगभग 2,600 प्रतिदिन (लगभग 55%) हो गई है। 5 किलोग्राम सिलेंडरों की आपूर्ति भी 800 प्रतिदिन से घटकर लगभग 250 प्रतिदिन रह गई है। डिलीवरी का समय शहरी क्षेत्रों में लगभग 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 45 दिन है।
इसके अलावा गैर-घरेलू आपूर्ति में अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, होटल/ढाबों, औद्योगिक कैंटीनों और फार्मा क्षेत्र को प्राथमिकता दी जा रही है। एक आंकड़े के मुताबिक उत्तराखण्ड में 5 अप्रैल को 34,448 एलपीजी बुकिंग हुई । जबकि 29 मार्च से 4 अप्रैल तक 2,95,624 एलपीजी बुकिंग हुई । वहीं 29 मार्च से 4 अप्रैल तक 2,50,344 एलपीजी डिलीवरी हुई।
फिलहाल प्रदेश में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत प्रतिदिन लगभग 5,000 सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं। वहीं अगर ईंधन आपूर्ति की स्थिति (पेट्रोल और डीजल) की बात करें, तो पूरे राज्य में पेट्रोल और डीजल उपलब्ध हैं।
कुल 978 रिटेल आउटलेट सामान्य रूप से कार्य कर रहे हैं, जिनमें IOC- इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड के 431, BPC- भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड के 214, HPC- हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड के 254, RIL- रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के 28 और Nayara के 51 आउटलेट शामिल हैं। औसत उपलब्धता पेट्रोल (MS) के लिए लगभग 60,000 किलोलीटर और हाई-स्पीड डीजल (HSD) के लिए लगभग 75,000 किलोलीटर है।
पेट्रोल में 2% और डीजल में 6% की वृद्धि दर्ज की गई है। रिटेल आउटलेट्स और टर्मिनलों दोनों में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति प्रणाली सुचारू रूप से चल रही है। सिटी गैस वितरण और वैकल्पिक ईंधन के क्षेत्र में राज्य में 5 CGD- सिटी गैस वितरण कंपनियां कार्य कर रही हैं, जिनमें देहरादून में GAIL Gas, ऊधम सिंह नगर में IOC-Adani Gas Pvt. Ltd., हरिद्वार में HNGPL और नैनीताल में HPCL शामिल हैं।
