CM धामी ने 'उत्तराखंड माल्टा महोत्सव' का किया शुभारंभ, (फोटो साभार : X@DIPR_UK)
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज शनिवार राजकीय उद्यान सर्किट हाउस गढ़ीकैंट में ‘उत्तराखंड माल्टा महोत्सव’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य में माल्टा के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए माल्टा मिशन शुरू करने की घोषणा करते हुए कहा, कि दिल्ली में भी राज्य की ओर से माल्टा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा।
इस अवसर पर सीएम धामी ने धर्मपत्नी श्रीमती गीता पुष्कर धामी के साथ विभिन्न जनपदों के माल्टा एवं नींबू प्रजाति के फलों की प्रदर्शनी का अवलोकन कर माल्टा एवं नींबू की खटाई सहित नींबू प्रजाति के फलों से बने विभिन्न उत्पादों का स्वाद भी लिया।
देहरादून में 'उत्तराखण्ड माल्टा महोत्सव' का शुभारंभ किया। माल्टा न केवल एक पारंपरिक फल है, बल्कि उत्तराखण्ड की जलवायु, मिट्टी और पहचान से गहराई से जुड़ा हुआ एक विशिष्ट उत्पाद भी है। विटामिन-सी से भरपूर, सुगंधित और स्वाद में विशिष्ट उत्तराखण्ड का माल्टा आज देशभर में अपनी गुणवत्ता… pic.twitter.com/vMRHRq6ROw
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) January 3, 2026
पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “माल्टा उत्तराखंड की पहचान एवं परंपरा से जुड़ा है। राज्य की आर्थिकी व समृद्धि को सशक्त करने में बागवानी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इन्हीं संभावनाओं को साकार करने के लिए राज्य सरकार ने एप्पल मिशन व कीवी मिशन जैसी कई उल्लेखनीय शुरूआत की है।
उन्होंने कहा, कि राज्य में माल्टा के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए माल्टा मिशन की शुरूआत की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा, कि राज्य के माल्टा की ब्रांडिंग व इसे बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए भी सरकार के द्वारा अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। राज्य के हर जनपद में माल्टा महोत्सव का आयोजन इन्हीं प्रयासों की एक कड़ी है।
सीएम धामी ने कहा, कि राज्य के माल्टा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए दिल्ली में भी राज्य की ओर से माल्टा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा, कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में किसानों की आर्थिकी को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा, कि खेती व बागवानी के क्षेत्र में समुचित प्रोत्साहन, नवाचार और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाई जा रही है। यह पहल पलायन रोकने और युवाओं को अपने गांव के पास ही रोजगार देने में गेम चेंजर साबित होगी। उन्होंने कहा, कि राज्य सरकार स्थानीय विशिष्टताओं के अनुरूप उपयुक्त खेती और बागवानी को प्रोत्साहित कर रही है।
सीएम धामी ने कहा, कि राज्य में माल्टा, सेब, नाशपाती, कीवी, अखरोट, आड़ू और नींबू वर्गीय फलों के बागान स्थापित करने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। फसल आधारित क्लस्टर विकसित कर उत्पादन और विपणन को सशक्त बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्य में माल्टा व गलगल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किया गया है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा, “सरकार द्वारा बागान लगाने पर 50 प्रतिशत अनुदान, सूक्ष्म सिंचाई पर 70 से 80 प्रतिशत अनुदान तथा खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों पर 60 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। सेलाकुई में सुगंधित पौधों के लिए स्थापित केंद्र का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महक क्रांति की शुरूआत कर राज्य में सुगंधित पौधों की खेती को भी व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने की महत्वपूर्ण पहल की गई है।”
सीएम धामी ने माल्टा महोत्सव में प्रतिभाग करने आए पौड़ी गढ़वाल के माल्टा उत्पादक हरीश के प्रयासों की सराहना करते हुए बताया, कि उन्होंने 53 प्रजातियों के लगभग एक हजार पौधे रोपित किए हैं, तथा इस बार भी 200 पौधे रोपित करने की तैयारी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अन्य किसानों को इनसे प्रेरणा लेकर बागवानी के क्षेत्र में विद्यमान संभावनाओं को साकार करने में सरकार के प्रयासों को सफल बनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी, सांसद नरेश बंसल, विधायक सविता कपूर, दायित्वधारी कैलाश पंत, प्रताप सिंह पंवार तथा सचिव कृषि डॉ. एस.एन. पाण्डेय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं विभिन्न जनपदों से आए किसान उपस्थित रहे।
