उत्तराखंड में बर्फबारी, (फोटो साभार: X@ANI)
उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हुई बर्फबारी का सीधा प्रभाव मैदानी जिलों में देखने को मिल रहा है। शीत लहर के चलते सुबह-शाम के साथ ही अब दिन के समय भी तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते बीते शुक्रवार मौसम में बदलाव देखने को मिला है।
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, 24 जनवरी को पश्चिमी विक्षोभ का असर कम होगा। हालांकि 25-26 जनवरी को एक बार फिर पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिए होने की संभावना है। जिसके चलते हल्की बारिश व बर्फबारी होने के आसार है। बर्फबारी होने के बाद से प्रकृति ने सफेद चादर ओढ़ ली है। बर्फबारी के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
वहीं हिमपात की खबर मिलते ही शुक्रवार दोपहर बाद से मसूरी में पर्यटकों की आमद तेजी से बढ़ गई। मालरोड और बाजारों में पर्यटक एक-दूसरे पर बर्फ के गोले फेंकते और यादगार पल कैमरों में कैद करते दिखे।
दिनांक 24.01.2026 को जारी उत्तराखंड राज्य हेतु मौसम पूर्वानुमान एवं चेतावनी | pic.twitter.com/92rZTXsgIf
— Meteorological Centre Dehradun (@mcdehradun) January 24, 2026
चमोली जिले स्थित भू-बैकुंठ भगवान बदरीनाथ धाम में बर्फबारी शुरू हो गई है। बर्फबारी के बाद पूरी घाटी ने सफेद चादर ओढ़ ली है। अचानक आए इस बदलाव के कारण बदरीनाथ धाम और आसपास के क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। बदरीनाथ धाम में बर्फबारी के बाद तापमान भी माइनस में पहुंच गया है। इसके कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई।
केदारनाथ में शुक्रवार के बाद शनिवार को भी बर्फबारी हुई। बीते गुरुवार रात से ही छह हजार फीट से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू हो गई थी। शुक्रवार को पूरे दिन बर्फबारी का सिलसिला जारी रहा और देर शाम तक केदारनाथ में एक फीट तक बर्फ जम गई थी। वहीं तुंगनाथ, त्रियुगीनारायण, मद्महेश्वर, चोपता, दुगलविट्टा समेत ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का सिलसिला पूरे दिन चलता रहा।
#WATCH | Uttarakhand | Continuous heavy snowfall in Kedarnath Dham has blanketed the entire Kedarnath township under a thick layer of snow measuring nearly three to four feet. Due to the accumulation of snow, all pedestrian routes in the shrine area have been completely blocked.… pic.twitter.com/Dh90RP7IJj
— ANI (@ANI) January 24, 2026
हिमपात के चलते उमड़ रही पर्यटकों की भीड़ और यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर है। यूपीसीएल प्रबंधन ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेशभर में बारिश और बर्फबारी के बीच 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुचारू रहे। एमडी अनिल कुमार ने बताया, कि प्रदेशभर में विद्युत वितरण नेटवर्क की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, रक्षा भू- सूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान (डीजीआरई) ने उच्च हिमालीय क्षेत्रों में बर्फबारी- हिमस्खलन की संभावना व्यक्त की है। इसके बाद राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की ओर से संबंधित जिलों के जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य रेखीय विभागों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं मैदानी क्षेत्रों में कोहरे की चादर फैली है, जिसके चलते सड़क पर चलने वालों को परेशानी उठानी पड़ रही है। पर्वतीय इलाकों में हुई बारिश और बर्फबारी का असर आगामी कुछ दिनों तक मैदानी इलाकों में देखने को मिलेगा। शनिवार को देहरादून समेत आसपास के इलाको में प्रातःकाल हल्की धुंध छायी रही। हालांकि, दोपहर में चटख धूप खिली, जिससे ठंड से कुछ राहत मिली।
गौरतलब है, कि बारिश नहीं होने के चलते बीते कुछ दिनों से मैदानी इलाकों के अधिकतम तापमान में एक-दो डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिसके चलते घना कोहरा छा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस वर्ष प्रदेश में अच्छी बर्फबारी होने की उम्मीद है, जिससे राज्य के शीतकालीन पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा।
