उत्तराखंड बंद के दौरान प्रशासन अलर्ट मोड पर, फोटो साभार: X@AHindinews)
बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में शामिल कथित वीआईपी के नाम के खुलासे की मांग को लेकर आज उत्तराखंड में विरोध प्रदर्शन और बंद का आह्वान किया गया। बंद के चलते प्रदेश के कुछ जनपदों में सुबह 12 बजे तक बाजार पूरी तरह बंद रहे, तो कहीं-कहीं पर बंद का आंशिक असर दिखा। वहीं आपातकालीन सेवाओं के तहत मेडिकल स्टोर खुले रहे।
रविवार (11 जनवरी 2025) को अंकिता भंडारी हत्याकांड में ‘उत्तराखंड बंद’ के आह्वान के दौरान प्रदेश में मिला-जुला असर देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने हत्याकांड की CBI जांच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की देख-रेख में कराने की मांग उठाई। चमोली और उत्तरकाशी में कुछ बाजार बंद रहे, जबकि पिथौरागढ़ और देहरादून में जन-जीवन सामान्य बना हुआ है।
दरअसल, मुख्यमंत्री द्वारा CBI जांच की सिफारिश के बाद व्यापार मंडलों के पीछे हटने से बंद का प्रभाव कम हुआ है। हालाँकि, सरकार द्वारा CBI को सौंपने की सिफारिश के बावजूद आंदोलनकारी संगठन सड़कों पर है। सभी संगठनों ने स्पष्ट किया है, कि जब तक हत्याकांड की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में CBI से नहीं कराई जाती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।
समाचार एजेंसी ANI की एक्स पोस्ट के अनुसार, एसपी प्रमोद कुमार ने कहा, “विभिन्न संगठनों द्वारा आज उत्तराखंड बंद का आह्वान किया गया था उसके दृष्टिगत यहां व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। मुख्य बाजारों में पर्याप्त मात्रा में पुलिस व्यवस्था की गई है। थाने की पुलिस बल के साथ ही PAC की भी तैनाती की गई है। मोबाइल पार्टी भी लगाई गई है। बाजर भी खुले हैं और रोज की तरह जनता का आवागमन जारी है।”
#WATCH | देहरादून, उत्तराखंड: SP प्रमोद कुमार ने कहा, "विभिन्न संगठनों द्वारा आज उत्तराखंड बंद का आह्वान किया गया था उसके दृष्टिगत यहां व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। मुख्य बिंदुओं पर पर्याप्त मात्रा में पुलिस व्यवस्था की गई है। थाने की पुलिस बल के साथ ही PAC की भी तैनाती की… https://t.co/bNUI5LtgjP pic.twitter.com/j1QUtd2brq
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 11, 2026
रिपोर्ट्स के अनुसार, स्थानीय व्यापारियों का कहना है, कि बंद का कोई प्रभाव नहीं पड़ा और रोजमर्रा का कारोबार सामान्य रूप से चलता रहा। जबकि परिवहन सेवाएं भी लगभग पूरी तरह चालू रहीं, जिससे आम लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। हालांकि, किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर रहा।
