देहरादून में आपराधिक तत्वों की तलाश में 'ऑपरेशन क्रैक डाउन'
लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं के बाद उत्तराखंड पुलिस ने पूरे प्रदेश में बड़ा सत्यापन अभियान चलाने की तैयारी की है। पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देश पर अलर्ट मोड में आई दून पुलिस ने संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी है। इसके साथ ही देहरादून एसएसपी ने आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिये जिले में 20 चेकिंग प्वांइट निर्धारित किए है।
बीते सोमवार की सुबह से ही देहरादून जनपद के नगर और देहात क्षेत्र में संदिग्ध और आपराधिक तत्वों की पहचान के लिए वृहद स्तर पर सत्यापन अभियान चलाया गया। पुलिस की अलग-अलग टीमों द्वारा बाहरी व्यक्तियों के सत्यापन की कार्रवाई अमल में लाई गई।
🚨 Operation Crack Down के तहत दून पुलिस अलर्ट मोड में 🚨
🔷2186 बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन
🔹 191 व्यक्तियों के विरुद्ध 83 पुलिस एक्ट में चालान, ₹19,10,000 जुर्माना
🔹 55 व्यक्तियों पर 81 पुलिस एक्ट में कार्रवाई, ₹13,250 जुर्माना
🔷28 संदिग्धों को थाने लाकर पूछताछ pic.twitter.com/Ipr3ivQ76A— Uttarakhand Police (@uttarakhandcops) February 17, 2026
अभियान के दौरान दून पुलिस ने 2,186 व्यक्तियों का सत्यापन किया। अनियमितता पाए जाने पर 191 व्यक्तियों का 83 पुलिस एक्ट में चालान किया। 19 लाख 10 हजार का जुर्माना वसूला गया। जबकि 28 संदिग्ध व्यक्तियों को थाने पर लाकर पूछताछ की गई। साथ ही पुलिस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए 55 व्यक्तियों का चालान कर 13,250 रुपये का जुर्माना वसूला गया है।
गौरतलब है, कि देहरादून पुलिस की कमान संभालते ही एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल एक्शन में दिखे। दून पुलिस कप्तान ने सभी चेकिंग प्वांइट्स पर नियमित रूप से सघन चेकिंग सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए है। साथ ही पुलिस की विजिबिलिटी बढ़ाते हुए आपराधिक घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिये जनपद में 20 चेकिंग प्वांइट निर्धारित किए गए।
ऑपरेशन क्रैक डाउन के तहत अमेजन, जोमैटो और ब्लिंकिट जैसी कंपनियों से जुड़े डिलीवरी एजेंटों का सत्यापन भी प्राथमिकता से किया जाएगा। अभियान के तहत एसएसपी देहरादून ने सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने थाना क्षेत्र में पुलिस टीमें गठित कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए है।
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया, डीजीपी के निर्देश पर जनपद देहरादून के शहर और गांवों में सत्यापन अभियान चलाया गया गया। यह अभियान अगले एक महीने तक चलता रहेगा। इस दौरान संदिग्ध और बाहरी लोगों की तलाश की जाएगी।

