(फोटो साभार : X@DIPR_UK)
उत्तराखंड में धामी कैबिनेट विस्तार के बाद मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया गया है। विभागों के इस आवंटन में मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील प्रशासनिक विभाग अपने पास ही रखे हैं। रविवार को जारी सूची के अनुसार, सीएम धामी सामान्य प्रशासन, गृह, कार्मिक, सतर्कता, नियुक्ति एवं प्रशिक्षण तथा सूचना एवं जनसंपर्क जैसे प्रमुख विभाग स्वयं देखेंगे।
मुख्यमंत्री द्वारा कैबिनेट के विस्तार के बाद धन सिंह रावत से स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी वापस ली गई है। उनके स्थान पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल को नया स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया है। सुबोध उनियाल के पास अभी वन विभाग है। इसके साथ ही उनके पास निर्वाचन, विधायी एवं संसदीय कार्य की जिम्मेदारी भी है।
वहीं, अन्य विभागों का बंटवारे में खजान दास को समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, छात्र कल्याण, भाषा विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं भरत सिंह चौधरी को ग्राम्य विकास विभाग और लघु एवं सूक्ष्म मध्यम उद्यम की जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही पंचायती राज, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास, आयुष व आयुष शिक्षा, पुनगर्ठन एवं जनगणना की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंत्रिमंडल के सदस्यों को विभागों का दायित्व सौंपा।#cabinet #Uttarakhand pic.twitter.com/g5jLrkxaG2
— Uttarakhand DIPR (@DIPR_UK) March 22, 2026
इसी क्रम में प्रदीप बत्रा को परिवहन विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी, सुराज एंव विज्ञान प्रौद्योगिकी, जैव प्रोद्योगिकी की जिम्मेदारी भी प्रदीप बत्रा को दी गई है। जबकि राम सिंह कैड़ा को शहरी विकास विभाग, पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन, जलागम प्रबंधन की जिम्मेदारी दी गई है।
गौरतलब है, कि मुख्यमंत्री ने कैबिनेट का विस्तार करते हुए खजान दास, मदन कौशिक, भरत सिंह चौधरी, प्रदीप बत्रा और राम सिंह कैड़ा को मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी है। राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से यह बंटवारा संतुलन साधने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन के साथ-साथ प्रशासनिक दक्षता को ध्यान में रखते हुए विभागों का पुनर्गठन किया गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है, कि सीएम धामी द्वारा प्रमुख प्रशासनिक विभाग अपने पास रखना एक अहम रणनीतिक कदम है। जिससे शासन की मुख्य कमान उनके नियंत्रण में बनी रहेगी। वहीं अन्य विभाग मंत्रियों को सौंपकर कार्यों का प्रभावी वितरण सुनिश्चित किया गया है।
