हरिद्वार में बुलडोजर कार्रवाई के तहत अवैध मजार ध्वस्त, (चित्र साभार : अमर उजाला)
उत्तराखंड की धामी सरकार ने अवैध निर्माणों के खिलाफ एक्शन तेज कर दिया है। इसी क्रम में हरिद्वार जिले स्थित पिरान कलियर के पास गंगा नहर किनारे सिंचाई विभाग की भूमि पर बनी अवैध मजार को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया है। बुधवार सुबह अतिक्रमण को हटाने के लिए जिला प्रशासन ने भारी सुरक्षा बल तैनात किया था।
जानकारी के मुताबिक, प्रशासन ने पिरान कलियर क्षेत्र में यूपी सिंचाई विभाग की भूमि पर अवैध रूप से निर्मित मजार और मिश्रित अतिक्रमण में करीब दो दर्जन अस्थायी टिनशेड को ध्वस्त कर दिया। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई। वहीं बुलडोजर कार्रवाई से आसपास अतिक्रमण करने वालों के बीच हड़कंप मच गया।
दरअसल, हरिद्वार जिले में उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की कई परिसंपत्तियां लंबे समय से अतिक्रमणकारियों के अवैध कब्जों में फंसी हुई है। हालांकि विभाग द्वारा पहले ही इस अतिक्रमण को लेकर नोटिस जारी किए गए थे, जिसमें संबंधित लोगों को निर्धारित समय-सीमा में अतिक्रमण हटाने के लिए कहा गया था, लेकिन वक्त बीत जाने के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग का लगातार यह कहना रहा, कि स्थानीय स्तर पर पर्याप्त सहयोग न मिलने से कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पा रही थी। इस स्थिति का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बीते सप्ताह डामकोठी स्थित अधिकारियों के साथ बैठक कर साफ निर्देश दिए थे, कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण स्वीकार्य नहीं होगा।
जिलाधिकारी के निर्देशों के बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र शेट के नेतृत्व में बुधवार (7 जनवरी 2025) को पिरान कलियर में कार्रवाई करते हुए अवैध मजार और अन्य अस्थायी ढांचों समेत दरगाह गैबलीशाह रोड पर अवैध दुकानों को ध्वस्त कराया गया। इस दौरान मौके पर तहसीलदार विकास अवस्थी, नायब तहसीलदार यूसुफ अली, कलियर थाना प्रभारी रवींद्र कुमार समेत भारी पुलिसबल तैनात रहा।
बता दें, कि उत्तराखंड में बीते लंबे समय से सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का वृहद अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत सरकारी भूमि पर हो रहे अवैध निर्माणों पर प्रशासन की टीम लगातार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर रही है।
