(सांकेतिक चित्र)
संचार क्रांति के युग में जहां एक ओर डिजिटल तकनीक ने दैनिक जीवन को आसान बनाया है, वहीं साइबर ठग भी इस तकनीक के जरिये लोगों को अपना शिकार बना रहे है। साइबर अपराधियों द्वारा ई-मेल, फेसबुक, कंप्यूटर, लैपटॉप, डेबिट और क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग के जरिये आम आदमी को डिजिटल क्राइम का शिकार बनाया जाता है।
हैरानी की बात यह है, कि पुलिस विभाग द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियान, सोशल मीडिया व तमाम समाचार पत्रों में प्रतिदिन खबरें प्रकाशित होने के बावजूद भी साइबर ठगी की घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा है। साइबर ठग आज भी पुराने तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैँ, फिर भी हर दिन नए शिकार उनके जाल में फंस रहे है।
इसी क्रम में रुद्रपुर के ट्रांजिट कैंप क्षेत्र में एक व्यक्ति के साथ ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया हैं। दरअसल, खुद को कस्टमर केयर अधिकारी बताने वाले ठग ने चालाकी से एक लाख रुपये निकाल लिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, रुद्रपुर स्थित ट्रांजिट कैंप निवासी धर्मपाल ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया, कि वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद के ग्राम सुन्हों का रहने वाला है और वर्तमान में रुद्रपुर में रहकर काम करता है। 22 फरवरी को उन्होंने एक व्यक्ति को 8,670 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए थे, लेकिन संबंधित व्यक्ति तक पैसे नहीं पहुंचने की जानकारी मिलने पर वह परेशान हो गए।
इस समस्या के समाधान के लिए पीड़ित ने इंटरनेट का सहारा लिया। उन्होंने यूट्यूब पर एक वीडियो देखा, जिसमें एक मोबाइल नंबर दिया गया था। धर्मपाल ने उस पर कॉल किया, जहां कॉल उठाने वाले शख्स ने खुद को कस्टमर केयर अधिकारी बताया। उसने भरोसा दिलाया कि वह उनकी समस्या का समाधान कर देगा और धर्मपाल को अपने मोबाइल में एक एप डाउनलोड करने के लिए कहा।
इसके बाद साइबर ठग ने वीडियो कॉल के जरिए आगे की प्रक्रिया पीड़ित को बताई। आरोप है, कि ठग ने बड़ी चतुरता से धर्मपाल को कुछ विकल्पों पर क्लिक करने को कहा, जिसके बाद उनसे उनका बैंक बैलेंस चेक करने के लिए कहा गया। इसके बाद ठग ने कहा, कि एक ओटीपी आएगा, जिसे बताने पर समस्या हल हो जाएगी, धर्मपाल ने बिना शक जताये ओटीपी शेयर कर दिया।
ओटीपी मिलते ही ठग ने उनके खाते से कुल 1,00,000 रुपये निकाल लिए। जब धर्मपाल को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ, तब उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित का कहना है, कि आरोपी ने उन्हें पूरी तरह अपने विश्वास में लेकर यह धोखाधड़ी की है। उन्होंने आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी करते हुए उनका पैसा वापस दिलाये जाने की मांग की है।
प्रकरण में ट्रांजिट कैंप के प्रभारी निरीक्षक मोहन चंद पांडे ने बताया, कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस द्वारा मामले की जांच कर रही है और जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर ऑनलाइन फ्रॉड के बढ़ते मामलों को उजागर किया है, जिससे लोगों को अलर्ट रहने की आवश्यकता है।
