सांकेतिक चित्र
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का सीधा असर भारत के घरेलू किचन में देखने को मिल रहा है। हालांकि, भारत सरकार उन मालवाहक जहाजों के लिए आपातकालीन निकासी योजना बना रही है, जो ईरान जंग की वजह से होर्मुज स्ट्रेट में फंस गई हैं। वहीं खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते भारी तनाव के बीच रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हॉर्मुज जलडमरूमध्य से एक बड़ी खबर सामने आ रही है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत ने खाड़ी क्षेत्र में तेल और गैस के कुंओं तथा तेल रिफाइनरियों पर हमलों को अत्यंत चिंताजनक बताया है। दरअसल, पिछले 24 घंटों से इस मार्ग पर कच्चे तेल के टैंकरों की आवाजाही पूरी तरह थमी हुई है, लेकिन इस वैश्विक तेल आपूर्ति पर संकट के बीच भारत के दो बड़े LPG टैंकर, ‘पाइन गैस’ और ‘जग वसंत’, यहाँ से गुजरने की तैयारी में हैं।
शिप-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, भारतीय ध्वज वाले ये दोनों जहाज वर्तमान में संयुक्त अरब अमीरात के शारजाह तट के पास खड़े हैं और शनिवार (21 मार्च 2026) को अपनी यात्रा शुरू कर सकते हैं। मरीन ट्रैफिक (MarineTraffic) के आँकड़ों से पता चलता है, कि इन जहाजों ने आगे बढ़ने के संकेत दे दिए हैं।
गौरतलब है, कि बाजार विशेषज्ञों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है, क्योंकि पिछले एक दिन में कोई भी तेल टैंकर इस रास्ते से नहीं निकला है, जबकि अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना कर रहा एक खाली टैंकर 18 मार्च को ही ईरानी जलक्षेत्र की ओर लौट गया था। ऐसे माहौल में भारतीय जहाजों का यहाँ से गुजरना जोखिम भरा, लेकिन व्यापारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया है, कि सरकार खाड़ी क्षेत्र में मौजूद भारत के सभी 22 जहाजों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस संवेदनशील मुद्दे पर वैश्विक नेताओं के साथ लगातार संपर्क में हैं, ताकि भारतीय जहाजों की आवाजाही निर्बाध और सुरक्षित बनी रहे।
