सांकेतिक चित्र
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में पुलिस ने एक ऐसे शातिर चोर को गिरफ्तार किया है, जिसके कारनामे सुनकर पुलिसवाले भी दंग रह गए। दरअसल, आरोपित पिछले 15 साल से सिर्फ पुलिसकर्मियों के घरों में ही सेंध लगा रहा था। चोर ने बताया, पुलिसकर्मी से हुए विवाद और उसकी पिटाई का बदला लेने के लिए उसने सिर्फ पुलिसवालों के घरों को निशाना बनाना शुरू कर दिया।
पुलिस के अनुसार, अलीराजपुर जिले का रहने वाला दीपेश अपने दो साथियों के साथ सिर्फ पुलिसकर्मियों के घरों को ही निशाना बनाता था। दीपेश बेहद चालाकी से शहर में चोरी की वारदात को अंजाम देता था। आरोपित अक्सर पुलिस लाइन के आसपास फेरीवाले या सब्जी बेचने की आड़ में इलाके की रेकी करता था और घरों पर नजर रखते थे।
पुलिस के मुताबिक, उसने मध्य प्रदेश के कई जिलों में इसी तरह की वारदातों को अंजाम दिया है। जब पुलिस उसकी तलाश में झाबुआ, अलीराजपुर और धार तक पहुंची, तो वह ठिकाने बदलता रहा। बुरहानपुर में घेराबंदी के दौरान उसने छत से कूदकर भागने की कोशिश की, लेकिन गिरकर घायल हो गया।
पूछताछ के दौरान आरोपित ने बताया, कि पुलिस वालों को पक्का यकीन होता है, कि उनके घरो पर कोई चोर सेंध नहीं लगाएगा। इसी बेफिक्री का फायदा उठाकर वो और उसके गिरोह के सदस्य वारदात को अंजाम देते थे। वो अपने दो साथियों के साथ सिर्फ पुलिसकर्मियों के घरों में ही चोरी किया करता था। यह सिलसिला पिछले 15 साल से चलता आ रहा है।
पकड़ा गया आरोपित सब्जी विक्रेता था। ये शातिर चोर उस वक्त पकड़ में आया, जब पुलिस लाइन में दो सिपाहियों के घर चोरी की वारदात सामने आई। दरअसल मामला आम चोरी का नहीं था, क्योंकि चुनौती सीधे पुलिस महकमे को दी गई थी। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध चेहरा सामने आया।
शहर कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण आर्य के अनुसार, पुलिस ने उसके कब्जे से सोने-चांदी के आभूषण व 30 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। दोनों मामले दर्ज कर चोरों की तलाश के दौरान तकनीकी साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपित को गिरफ्तार किया गया है। जुर्म में शामिल उसके बाकी दो साथियों की तलाश की जा रही है।

