सांकेतिक चित्र
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने गुरुवार को कहा है, कि भारत की पेट्रोलियम और एलपीजी आपूर्ति पूरी तरह से नियंत्रण में है और देश में कहीं भी पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की कोई कमी नहीं है। मंत्रालय के अनुसार, अगले 60 दिनों के लिए कच्चे तेल का स्टॉक पहले ही सुरक्षित कर लिया गया है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी विज्ञप्ति में केंद्र सरकार ने साफ तौर पर कहा, कि देश में पेट्रोलियम और एलपीजी (LPG) की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित और नियंत्रण में है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है, कि सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे ‘भ्रामक और दुष्प्रचार’ पर ध्यान न दें, जिसका उद्देश्य बेवजह घबराहट पैदा करना है।
India’s energy supply is fully secure and stable.
There is NO shortage of petrol, diesel, or LPG anywhere in the country. All retail outlets are operating normally, with adequate supplies.
Misinformation and panic-driven narratives are completely unfounded. Citizens are advised…
— Ministry of Petroleum and Natural Gas #MoPNG (@PetroleumMin) March 26, 2026
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, भारत के पास कुल मिलाकर 74 दिनों की भंडारण क्षमता है, जिसमें से वर्तमान में लगभग 60 दिनों का स्टॉक उपलब्ध है। इसमें कच्चा तेल, पेट्रोलियम उत्पाद और भूमिगत रणनीतिक भंडारण (कवर्न) शामिल हैं। मंत्रालय ने बताया कि मध्य पूर्व संकट के 27वें दिन भी देश में कहीं भी पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की कोई कमी नहीं है।
मंत्रालय द्वारा जारी विज्ञप्ति में बताया गया, कि देश भर के सभी 1 लाख से अधिक पेट्रोल पंप खुले हैं और बिना किसी रुकावट के ईंधन दे रहे हैं। किसी भी आउटलेट को सप्लाई कम करने या राशनिंग (कोटा तय करने) के लिए नहीं कहा गया है। जहां अन्य देश राशनिंग कर रहे हैं, वहीं भारत में आपूर्ति की कोई कमी नहीं है।
इसके अलावा तेल कंपनियों ने पेट्रोल पंप मालिकों की वर्किंग कैपिटल की समस्याओं को देखते हुए क्रेडिट सीमा को भी 1 दिन से बढ़ाकर 3 दिन से अधिक कर दिया है, ताकि किसी भी पंप पर पेट्रोल-डीजल की कमी न हो। विज्ञप्ति में कहा गया है, कि भारत आज दुनिया भर के 41 से अधिक आपूर्तिकर्ताओं से पहले की तुलना में कहीं अधिक कच्चा तेल प्राप्त कर रहा है।
इसी बीच मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध संकट को देखते हुए केंद्र सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार (27 मार्च 2026) की शाम सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक अहम बैठक करेंगे। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय हालातों के बीच देश की सुरक्षा और रणनीतियों की समीक्षा करना है।
