जैश-ए-मोहम्मद का सरगना मसूद अजहर फोटो साभार: (X@ETVBharatUK)
दुश्मन मुल्क पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के भाई मोहम्मद ताहिर अनवर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। 60 वर्षीय ताहिर भी अपने भाई की तरह जैश ए मोहम्मद का सक्रिय सदस्य था। बता दें, कि जैश ए मोहम्मद का संबंध भारत में हुए कई बड़े आतंकी हमलों से रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ताहिर अनवर की मौत पाकिस्तान के बहावलपुर में हुई। उसकी मौत की पुष्टि खुद जैश-ए-मोहम्मद के आधिकारिक चैनल के जरिए की गई, लेकिन आंतकी संगठन ने मौत के कारण को लेकर कोई जानकारी नहीं दी है। दरअसल, इस चुप्पी ने पूरे मामले को और ज्यादा संदिग्ध बना दिया है।
ताहिर अनवर को सोमवार 30 मार्च की देर रात बहावलपुर मस्जिद स्थित आंतकी संगठन के नए मुख्यालय ‘मरकज उस्मान-ओ-अली’ परिसर में दफन किया गया। ताहिर अनवर के नमाज-ए-जनाजे में जैश-ए-मोहम्मद के बड़े कमांडर शामिल हुए। इसके अलावा इब्राहिम अजहर, तल्हा अल सैफ और मोहम्मद अम्मार अलवी जैसे आतंकी भी मौके पर मौजूद रहे।
बता दें, कि ताहिर अनवर दो दशकों से अधिक समय तक आतंकी प्रशिक्षण शिविरों, हथियारों की खरीद और परिचालन योजना की देख-रेख करता था। 2001 के बाद से उसने कई आतंकी ट्रेनिंग कैंपों की स्थापना और संचालन में अहम भूमिका निभाई। हथियारों की सप्लाई और लॉजिस्टिक्स का जिम्मा भी उसी के पास था।
बताया जाता है, कि ताहिर अनवर पहले भी भारतीय कार्रवाई में घायल हो चुका था। भारत की ओर से बहावलपुर में किए गए हवाई हमलों के दौरान उसे गंभीर चोटें आई थीं। यह हमला ऑपरेशन सिंदूर के तहत किया गया था, जो जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद किया गया था।
भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के अंदर जैश के ठिकानों को निशाना बनाकर हमला किया था। इन हमलों में बहावलपुर स्थित जैश का मुख्यालय भी शामिल था। इन हमलों में मसूद अजहर के कई करीबी रिश्तेदार मारे गए थे। अब अनवर की मौत से जैश-ए-मोहम्मद के नेतृत्व से एक प्रमुख व्यक्ति कम हो गया है, जिससे संगठन में नेतृत्व की कमी की संभावना बढ़ गई है।
रक्षा विश्लेषकों के मुताबिक, आतंकी मसूद अजहर द्वारा वर्ष 2000 में स्थापित जैश-ए-मोहम्मद भारत में कई बड़े हमलों के लिए जिम्मेदार रहा है। इसमें 2001 का संसद हमला, 2016 का पठानकोट वायुसेना हमला, 19 सैनिकों की जान लेने वाला उरी हमला और 2019 का पुलवामा बम धमाका शामिल है, जिसमें 40 सीआरपीएफ जवान शहीद हुए थे।
