US-इजराइल ने ईरान पर किया बड़ा सैन्य हमला,(फोटो साभार:@tribunephl)
US और इजरायल ने शनिवार (28 फरवरी 2026) को ईरान के कई शहरों पर बड़ा सैन्य हमला कर दिया है। राजधानी तेहरान समेत इस्फहान, कराज और करमानशाह जैसे बड़े शहरों में एक के बाद एक कई जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिससे दहशत का माहौल बन गया। US और इजरायल ने ईरान में एक साथ 30 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया है।
विश्व के मध्य पूर्व इलाके में क्षेत्रीय हालात बेहद संवेदनशील हो गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, ईरान पर किए गए हमले अमेरिका और इजराइल की साझा सैन्य कार्रवाई का हिस्सा है। इजराइल डिफेंस फोर्स ने ईरान पर हमले की जानकारी देते हुए इसे ‘प्रिवेंटिव अटैक’ बताया है। तेहरान समेत कई शहरों में धमाके सुने गए हैं और हवाई हमलों के सायरन बज रहे हैं।
हमले के बाद ईरान ने कहा है, कि इस हमले का करारा जवाब दिया जाएगा। इसी क्रम में इजरायल पर हमले की संभावनाओं के बीच सायरन बजने के बाद नागरिकों को सुरक्षित ठिकानों के पास रहने के निर्देश दिए है। हालात के मद्देनजर एयरस्पेस बंद कर दिया गया है और स्कूल-कॉलेज सहित सभी गैर-जरूरी गतिविधियां रोक दी गई हैं।
🚨🇮🇷 ईरान की राज्य टीवी का बड़ा बयान:
ईरानी सशस्त्र बल इज़राइल के खिलाफ पलटवार की तैयारी कर रहे हैं, ऐसे में उत्तरी इज़राइल के शहर हैफ़ा में सायरन भी बजते देखे गए हैं, मिसाइल हमले को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।#Iran #Israel #Conflict #BreakingNews 🇮🇷🇮🇱 pic.twitter.com/9Wr2x4BL3Y— Pulse Politics (@PulsePolitics9) February 28, 2026
शनिवार सुबह हुए इस हमले के बाद ईरान के शहरों में धुएं का गुबार नजर आया। खबरों के मुताबिक, ईरान ने भी इजराइल को निशाना बनाकर मिसाइल लॉन्च कर दी है। तेहरान में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी को तैनात किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई के घर के आस-पास की सड़कें भी बंद कर दी गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है, कि अमेरिका द्वारा दर्जनों हवाई हमले किए जा रहे हैं। इन हमलों को मध्य पूर्व के विभिन्न सैन्य ठिकानों और एक या उससे अधिक विमानवाहक पोतों से उड़ान भरने वाले लड़ाकू विमानों द्वारा अंजाम दिया जा रहा है। संभावित जवाबी कार्रवाई को देखते हुए कतर में US एंबेसी ने सभी कर्मचारियों के लिए “शेल्टर-इन-प्लेस” गाइडलाइंस लागू कर दी है।
US अधिकारियों का कहना है, कि यह कार्रवाई पिछले साल जून में ईरान के परमाणु ठिकानों पर किए गए अमेरिकी हमलों से कहीं अधिक व्यापक हो सकती है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस पर टिकी है, कि ईरान की ओर से अगला कदम क्या होगा और क्या यह टकराव सीमित रहेगा या बड़े संघर्ष में बदल जाएगा। वहीं ईरान की तरफ से अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

