हरिद्वार जिले में बांग्लादेशी महिला गिरफ्तार, (फोटो साभार: etvbharat)
धर्मनगरी हरिद्वार के ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र से पुलिस ने एक बांग्लादेशी महिला और उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया गया है। संदिग्ध महिला फर्जी दस्तावेज बनाकर क्षेत्र में रह रही थी। पुलिस का कहना है, कि महिला ने अपना नाम स्वीटी बताया, जबकि उसका असली नाम सहेला बेगम है और वह बांग्लादेश की नागरिक है। उसने फर्जी दस्तावजे भी बना रखे थे।
जानकारी के अनुसार, जनपद हरिद्वार के ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र से पुलिस ने बांग्लादेशी महिला को गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला फर्जी के कब्जे से बांग्लादेशी पासपोर्ट और कई फर्जी भारतीय दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। इस गंभीर प्रकरण में पुलिस ने दस्तावेज तैयार कराने में मदद करने वाले एक अन्य दिव्यांग आरोपी को भी दबोचा है।
पुलिस की जांच में सामने आया, कि छत्तीसगढ़ के बिलासपुर निवासी आरोपी श्यामदास ने बांग्लादेशी महिला से शादी रचा ली और फर्जी दस्तावेज बनाने में भी मदद की।
🔥 “ऑपरेशन प्रहार” में बांग्लादेशी महिला हुई बेनकाब 🔍
👮♂️ SSP नवनीत सिंह का अनुभवी नेतृत्व, हरिद्वार पुलिस की बड़ी कामयाबी
📄 फर्जी भारतीय दस्तावेज बनाकर रह रही बांग्लादेशी महिला आई पुलिस हिरासत में
🚔 ज्वालापुर पुलिस और LIU की संयुक्त कार्यवाही में खुली षड्यंत्र की परतें pic.twitter.com/cHwiXGIHHh
— Haridwar Police Uttarakhand (@haridwarpolice) April 9, 2026
रोशनाबाद मुख्यालय में प्रेस वार्ता करते हुए हरिद्वार एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया, कि ऑपरेशन प्रहार के तहत ज्वालापुर पुलिस और एलआईयू की संयुक्त टीम द्वारा यह कार्रवाई की गई है। बुधवार (8 अप्रैल 2026) को ज्वालापुर क्षेत्र स्थित वैष्णवी एन्क्लेव रामानंद कॉलेज के पास सत्यापन के दौरान संदिग्ध महिला को पकड़ा गया।
पुलिस की पूछताछ के दौरान महिला ने अपना नाम बदलकर रहना कबूल किया। पुलिस की जांच में सामने आया, कि आरोपी महिला का असली नाम सहेला बेगम है, जो बांग्लादेश के कुमीला की रहने वाली है। वर्ष 2023 में सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में आए दिव्यांग श्यामदास के कहने पर वह भारत आई थी। वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी वह अवैध रूप से दिल्ली और फिर हरिद्वार में रह रही थी।
हरिद्वार पहुंचने के बाद आरोपी महिला ने अपने साथी श्यामदास की मदद से आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, भारतीय पासपोर्ट और मैरिज सर्टिफिकेट जैसे फर्जी दस्तावेज तैयार करा लिए। फर्जी दस्तावेज बनाने में महिला की मदद करने के आरोप में पुलिस ने श्यामदास को भी गिरफ्तार कर लिया।
महिला के कब्जे से बांग्लादेश का पासपोर्ट और नेशनल आईडी कार्ड के अलावा कई फर्जी भारतीय दस्तावेज बरामद किए गए हैं। दोनों आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला के सोशल मीडिया पर श्यामदास के साथ संपर्क हुआ। धीरे-धीरे सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती प्यार में बदल गई। बताया जा रहा है, कि महिला अपने प्रेमी से मिलने भारत भी आई और फिर वापस भी चली गई।
बांग्लादेश जाने के लिए भी उसने फर्जी पासपोर्ट बनाया था और उसी पासपोर्ट के सहारे वो बांग्लादेश की यात्रा करने गई थी। इस बीच महिला, श्यामदास के संपर्क में रही, फिर उसने श्यामदास से शादी करने का फैसला लिया। शादी के लिए वो फिर से भारत लौटी और दोनों दिल्ली में रहने लगे।
एक साल पहले ही दोनों हरिद्वार शिफ्ट हो गए। इस बीच श्यामदास की मदद से महिला ने फर्जी तरीके से भारतीय दस्तावेज तैयार कराए, लेकिन पुलिस के आगे दोनों का फर्जीवाड़ा ज्यादा दिन तक टिक नहीं पाया। ऑपरेशन प्रहार के तहत चलाए जा रहे सत्यापन अभियान में दोनों पुलिस के हत्थे चढ़ गए।
