एसएसपी देहरादून ने अधीनस्थ अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, (फोटो साभार: etvbharat)
देवभूमि उत्तराखंड की राजधानी देहरादून हमेशा से शांति, अनुशासन और शिक्षा की नगरी के लिए मुफीद माना जाता रहा है। दून शहर अपनी हरियाली, साफ हवा, खुशनुमा जीवनशैली और प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों के कारण देश-विदेश में पहचान रखता है, लेकिन बीते कुछ सालों में देहरादून की यह छवि लगातार धूमिल होती दिख रही है।
देहरादून के कुछ इलाकों में सरेआम मारपीट, सड़क पर गुंडागर्दी, छेड़खानी का विरोध करने पर जानलेवा हमले और छात्रों के बीच बढ़ती हिंसा की घटनाएं अब आम बात हो गई है। ताजा घटनाक्रम में प्रेमनगर स्थित निजी शिक्षण संस्थान में वर्चस्व को लेकर चली आ रही पुरानी रंजिश के चलते छात्रों के दो गुटों में हुए विवाद में एक छात्र की मौत हो गई।
शिक्षा की नगरी देहरादून में छात्रों के बीच बढ़ती हिंसा की घटनाओं के बाद पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है। इसी क्रम में देहरादून एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने सभी अधीनस्थ अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। प्रेमनगर में छात्रों में गैंगवार और एक छात्र की हत्या के बाद एसएसपी ने शिक्षण संस्थानों में गुटबाजी करने वाले छात्र चिह्नित करने के निर्देश दिए है।
एसएसपी ने सख्त लहजे में अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देशित किया है, कि छात्र गुटों के बीच हुए झगड़े और मारपीट पर तत्काल मुकदमा दर्ज कर संबंधित शिक्षण संस्थान की जवाबदेही भी तय की जाए। इतना ही नहीं अब रात्रि में अनावश्यक रूप से घूमने वाले छात्रों और संदिग्ध व्यक्तियों को थाने लाकर उनके खिलाफ कार्रवाई करने को भी कहा गया है।
एसएसपी दून की सख्ती, शिक्षण संस्थानों में गुटबाजी करने वाले छात्र होंगे चिन्हित
छात्र गुटों के बीच हुए झगड़े/मारपीट पर तत्काल अभियोग दर्ज कर होगी सख्त वैधानिक कार्यवाही, सम्बन्धित शिक्षण संस्थान की जवाबदेही भी होगी तय pic.twitter.com/FYyG4BwKfC
— Dehradun Police Uttarakhand (@DehradunPolice) March 25, 2026
बैठक के दौरान एसएसपी देहरादून ने सभी थाना प्रभारियों से उनके थाना क्षेत्रों में स्थित शिक्षण संस्थानों, हॉस्टल, पीजी के संबंध में जानकारी ली। इसके अलावा किसी थाना क्षेत्र में इस प्रकार की घटना घटित होती है, उसमें पुलिस की शिथिलता/लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित थाना प्रभारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
एसएसपी देहरादून ने सख्त निर्देश दिए, कि थाना प्रभारी अपने-अपने थाना क्षेत्रों में स्थित सभी शिक्षण संस्थानों में जाकर ऐसे सभी छात्रों को जो गुटबाजी करते हुए माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हों या किसी संदिग्ध/आपराधिक गतिविधि में लिप्त हों। उन्हें तत्काल चिह्नित कर कार्रवाई की जाये। साथ ही संबंधित शिक्षण संस्थान को रिपोर्ट भेंजे और ऐसे छात्रों के निष्कासन की कार्रवाई करें।
एसएसपी ने कहा, कि छात्रों के बीच हुए किसी भी विवाद की सूचना मिलने पर तत्काल मुकदमा दर्ज कर उनके खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करें। साथ ही शिक्षण संस्थान, हॉस्टल और पीजी में छात्रों के बीच हुए विवाद की जानकारी छिपाने पर संबंधित संस्थान या प्रतिष्ठानों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
सभी थाना प्रभारी अपने-अपने थाना क्षेत्रों में दिन और रात में नियमित रूप से स्थान बदल-बदलकर सघन चेकिंग अभियान चलाएंगे। ड्रंक एंड ड्राइव, रैश ड्राइविंग, ओवर स्पीडिंग करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए है।
एसएसपी डोबाल ने निर्देश दिए है, कि यदि किसी शिक्षण संस्थान, हॉस्टल और पीजी में छात्रों के बीच हुए ऐसे किसी विवाद जिसकी सूचना उनकी ओर से पुलिस को नहीं दी गई हो, जिसके चलते भविष्य में कोई अप्रिय घटना घटित होती है तो संबंधित शिक्षण संस्थान या प्रतिष्ठान प्रबंधन की जिम्मेदारी तय कर उनके खिलाफ भी आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाए।
देहरादून एसएसपी ने बताया, कि यदि किसी होटल, रेस्टोरेंट और ढाबे आदि में छात्रों के बीच विवाद की कोई घटना सामने आती है, तो संबंधित होटल, रेस्टोरेंट या ढाबा संचालक की भूमिका की भी जांच की जाएगी। ऐसे स्थानों पर इस प्रकार के विवादों की पुनरावृति होने पर संबंधित होटल और रेस्टोरेंट संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बता दें, कि बीती 23 मार्च की रात कॉलेज में आपसी वर्चस्व को लेकर चल रही पुरानी रंजिश के चलते प्रेमगनर के केहरी गांव में बीटेक के छात्रों के दो गुटों में मारपीट हो गई थी। इस घटना में उत्तर प्रदेश निवासी दिव्यांशु जाटराना (उम्र 22 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गया था। जिसने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था।
मामले में प्रेमनगर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 3 छात्रों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए छात्र प्रेमनगर स्थित निजी शिक्षण संस्थान में पढ़ाई करते हैं। जबकि, मामले में 15 लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया है।
बताया जा रहा है, कि विवाद करीब दो महीने पहले शुरू हुआ था जब दिव्यांशु के दोस्तों ने विवि के गेट के सामने कार में छोरा जाट्टा का गाना बजा दिया था। बिहार निवासी आरोपी छात्रों के गुट ने इसे चुनौती के रूप में लिया और दूसरे गुट के युवक उसकी रेकी कर रहे थे। सोमवार रात जब दिव्यांशु प्रेम नगर बाजार में खाना खाने गया तो आरोपी युवक भी वहां पहुंच गए।
चश्मदीदों के अनुसार, दिव्यांशु को 15 आरोपी भरे बाजार पीटते रहे। आरोपियों के हाथ में फावड़ा और लाठी-डंडे थे। इस दौरान लोग तमाशबीन बनकर देखते रहे। जिसके बाद उसके साथी उसे प्रेमनगर अस्पताल ले गए है। दिव्यांशु की नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे दून अस्पताल रेफर कर दिया था। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
