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अखबारों समेत सोशल मीडिया पर राजधानी देहरादून स्थित दून इंटरनेशनल स्कूल के सामने एक छात्रा के अपहरण की खबर प्रकाशित की गई थी। जिससे अभिभावकों समेत स्कूल के बच्चों में भय का माहौल पैदा हो गया। हालांकि देहरादून पुलिस ने इसका खंडन करते हुए बताया, कि स्कूली छात्रा के अपरहण की खबर मात्र एक अफवाह थी।
दरअसल, राष्ट्रीय समाचार पत्रों समेत सोशल मीडिया में अफवाह फैली थी, कि डालनवाला स्थित स्कूल में 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा को स्कूल की छुट्टी के बाद स्कूल परिसर से दूर ओमिनी वैन के पास बुर्काधारी ने अपहरण का प्रयास किया। यह खबर देखते ही देखते सोशल मीडिया में वायरल हो गई। जिसके बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया।
#खंडन
समाचार पत्रों में यह झूठी/भ्रामक खबर प्रचारित/प्रसारित की गई है कि एक बुर्काधारी महिला द्वारा देहरादून स्थित स्कूल परिसर के बाहर एक छात्रा के अपहरण का प्रयास किया गया।उक्त खबर का तत्काल संज्ञान लेते हुए जानकारी करने पर ऐसी कोई घटना होना प्रकाश मे नही आया#Uttrakhandpolice pic.twitter.com/z3x9u3VdKN— Dehradun Police Uttarakhand (@DehradunPolice) February 10, 2026
इस प्रकरण के संज्ञान में आते ही एसएसपी देहरादून ने तत्काल एसडीएम और सीओ सिटी को मामले की जांच के निर्देश दिए। इसी बीच जानकारी मिली, कि जिस बुर्काधारी महिला पर छात्रा के अपहरण के आरोप लगे, वह आज मंगलवार को एसएसपी कार्यालय पहुंची। महिला ने कहा, कि वो अपने पति और बच्चे के साथ स्कूल के सामने स्थित गांधी शताब्दी अस्पताल में इलाज कराने आई थी।
वहीं एसएसपी देहरादून अजय सिंह ने बताया, कि आज कई अभिभावकों के कंट्रोल रूम में फोन आने के बाद कोतवाली डालनवाला को निर्देशित किया गया। साथ ही एसडीएम, पुलिस और जिला सूचना अधिकारी की टीम गठित कर स्कूल में भी भेजा गया था। टीम ने स्कूल में पहुंचकर सीसीटीवी कैमरों की जाँच की, तो एक महिला कुछ छात्राओं से बात करती हुई दिखी।
टीम ने जब छात्रा से पूछा, तो उसने बताया, कि महिला ने स्कूल में पढ़ाई और फीस के बारे में पूछा था। जिसके बाद हंसी मजाक में बच्चों ने किडनैप की बात की और मामले ने तूल पकड़ लिया। इसके बाद स्कूल के स्पोर्ट्स टीचर द्वारा भी बच्चों की काउंसिलिंग कराई गई। साथ ही बताया, कि इस पूरे मामले को गलत तरीके से बताया गया और इसे किसी गैंग से जोड़ दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, बच्चों ने जिस महिला से बातचीत की थी, वह शहर के एक क्षेत्र में ही रहती है और पिछले एक महीने से इलाज के लिए गांधी शताब्दी अस्पताल आ रही हैं। इसके साथ ही पुलिस ने दंपति के अस्पताल के पर्चे और डॉक्टर से भी महिला ने बयानों को वेरीफाई किया है।

