केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह गायत्री परिवार शताब्दी समारोह में हुए शामिल, (फोटो साभार : X@DIPR_UK)
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार (22 जनवरी 2026) को धर्मनगरी हरिद्वार में आयोजित अखिल विश्व गायत्री परिवार के शताब्दी वर्ष समारोह में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने गायत्री परिवार द्वारा किए जा रहे सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्र निर्माण से जुड़े कार्यों की सराहना करते हुए आचार्य श्रीराम शर्मा जी के योगदान का स्मरण किया।
मंच से संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “श्रीराम शर्मा आचार्य जी ने सनातन धर्म में व्याप्त विकृतियों को दूर कर आध्यात्मिकता को सामाजिक सरोकारों से जोड़ा तथा समानता, संस्कृति, एकता और अखंडता के मूल्यों को सुदृढ़ किया। उन्होंने ‘व्यक्ति निर्माण से समाज निर्माण और राष्ट्र निर्माण’ के विचार को व्यवहार में उतारने का मार्ग प्रशस्त किया।”
केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह और मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज हरिद्वार में आयोजित अखिल विश्व गायत्री परिवार के शताब्दी वर्ष समारोह में प्रतिभाग किया। उन्होंने गायत्री परिवार द्वारा किए जा रहे सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्र निर्माण से जुड़े कार्यों की सराहना करते… pic.twitter.com/3WBrNdsXgv
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केंद्रीय गृह मंत्री ने अपने संबोधन में आचार्य जी के संदेश “हम सुधरेंगे, युग सुधरेगा” को मानव कल्याण का मूल मंत्र बताते हुए इसे जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, कि बीते दस वर्षों में देश की कार्य-संस्कृति और सोच में बड़ा सकारात्मक परिवर्तन आया है। आज भारत को उसकी गौरवशाली विरासत, संस्कृति और मूल्यों के संदर्भ में आदर भाव से देखा जा रहा है।
केंद्रीय गृह मंत्री ने स्वामी विवेकानंद व अरविंद घोष जैसे युगपुरुषों के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा, कि भारत के उत्कर्ष से मानवता का उत्कर्ष सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा, “आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में बीते दशक में भारत की आध्यात्मिक विरासत को वैश्विक पहचान मिली है। आज सनातन संस्कृति, भारतीय परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों की चर्चा विश्व मंच पर सम्मान के साथ हो रही है।”
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के नेतृत्व में बीते दशक में भारत की आध्यात्मिक विरासत को वैश्विक पहचान मिली है। आज सनातन संस्कृति, भारतीय परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों की चर्चा विश्व मंच पर सम्मान के साथ हो रही है। pic.twitter.com/xuHkLYCAy2
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इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “गायत्री परिवार एक वटवृक्ष के समान है, जो आध्यात्मिक चेतना का प्रचार-प्रसार करते हुए समाज को शांति और सकारात्मकता की छाया प्रदान कर रहा है। आज भारत अपनी गौरवशाली संस्कृति, ज्ञान और विज्ञान को नए स्वरूप में पुनः स्थापित कर रहा है और सनातन संस्कृति का यह विराट संदेश विश्व तक पहुँचे, इसके लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।”
सीएम धामी ने कहा, “आज भारत अपनी संस्कृति पर गर्व करता है। आज सनातन संस्कृति की पताका संपूर्ण विश्व में गर्व के साथ लहरा रही है। हमारी सरकार भी उत्तराखंड को देश की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा, कि आज गायत्री परिवार 80 से अधिक देशों में मानवीय मूल्यों और सेवा, संस्कारों का प्रचार-प्रसार कर रहा है।”
"आज भारत अपनी संस्कृति पर गर्व करता है। आज सनातन संस्कृति की पताका संपूर्ण विश्व में गर्व के साथ लहरा रही है। हमारी सरकार भी उत्तराखंड को देश की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।": माननीय मुख्यमंत्री श्री @pushkardhami जी। pic.twitter.com/Y06Rh36sCI
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शताब्दी वर्ष समारोह कार्यक्रम के मंच से अखिल विश्व गायत्री परिवार के डॉ. चिन्मय पांड्या ने कहा, कि यह संस्थान प्राचीन वेद, उपनिषद और गीता से प्रेरणा लेते हुए आधुनिक तकनीक को आत्मसात कर शिक्षा, प्रशिक्षण और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला, राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह, विधायक मदन कौशिक समेत देश-विदेश से आए श्रद्धालु उपस्थित रहे।
