केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ऋषिकेश में कल्याण पत्रिका के शताब्दी अंक का किया विमोचन, (फोटो साभार : X@pushkardhami)
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बुधवार (21 जनवरी 2026) को दो दिवसीय दौरे पर देवभूमि उत्तराखंड पहुंचे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह धर्मनगरी ऋषिकेश में स्वर्गाश्रम स्थित गीताभवन के गीताप्रेस गोरखपुर की सुप्रसिद्ध कल्याण पत्रिका के शताब्दी महोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कल्याण पत्रिका के शताब्दी अंक व अरोग्यांक (गुजराती संस्करण) का विमोचन किया।
ऋषिकेश के गीता भवन स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर में पूजा-अर्चना कर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भगवान विष्णु एवं माँ लक्ष्मी से सभी की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। साथ ही मोक्षदायिनी माँ गंगा के दर्शन-पूजन किए। उन्होंने कहा, “शाश्वत, सनातन और अविरल माँ गंगा हमारी संस्कृति के साथ-साथ सभ्यता और जीवन का मूल आधार हैं। माँ गंगा से सभी के कल्याण की कामना है।”
आज देवभूमि उत्तराखंड के ऋषिकेश में मोक्षदायिनी माँ गंगा के दर्शन-पूजन किए। शाश्वत, सनातन और अविरल माँ गंगा हमारी संस्कृति के साथ-साथ सभ्यता और जीवन का मूल आधार हैं। माँ गंगा से सभी के कल्याण की कामना है। pic.twitter.com/Oi1LAIKhxJ
— Amit Shah (@AmitShah) January 21, 2026
शताब्दी महोत्सव कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री ने कल्याण पत्रिका की यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा, “कल्याण ने केवल धर्म का प्रसार ही नहीं किया, बल्कि राष्ट्र, संस्कृति और चरित्र निर्माण का मार्ग भी प्रशस्त किया। स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आधुनिक भारत तक इस पत्रिका ने सदैव सनातन विचारधारा की आवाज को जीवित रखा। यह पत्रिका समय के साथ बदली नहीं, बल्कि समय को दिशा देती रही।”
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा, कि केंद्रीय गीता प्रेस का मासिक पत्र ‘कल्याण’ बीते 100 वर्षों से सनातन संस्कृति और भारतीय ज्ञान को देशवासियों तक निरंतर पहुँचा रहा है। उन्होंने कहा, पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के शासनकाल में जब नीतियां पाश्चात्य विचारों से प्रभावित होकर गढ़ी जा रही थी, तभी गीता प्रेस ने कल्याण पत्रिका का जरिए हिंदू धर्म, दर्शन, आचार-विचार और कला संस्कृति को जनता के समक्ष रखा।
"कल्याण पत्रिका बीते 100 वर्षों से भारतीय चेतना और आध्यात्मिक मूल्यों को जागृत करने का कार्य कर रही है।": माननीय मुख्यमंत्री श्री @pushkardhami जी। pic.twitter.com/nsYducycS2
— Office Of Pushkar Singh Dhami (@OfficeofDhami) January 21, 2026
उन्होंने कहा, “मैं कल्याण पत्रिका के 100वें अंक के विमोचन के शुभ अवसर पर मौजूद रहने का मौका देने के लिए गीता प्रेस का हृदय से आभार प्रकट करना चाहता हूं। भारत में हर वह व्यक्ति जिसकी सनातन धर्म में आस्था है, दुनिया में हर वह व्यक्ति जो दुनिया की समस्याओं के समाधान के लिए भारतीय संस्कृति की ओर देख रहा है, और हर वह व्यक्ति जो इस भूमि से प्यार करता है, वह गीता प्रेस से अनजान नहीं हो सकता।”
शताब्दी महोत्सव कार्यक्रम के मंच से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “केंद्र सरकार आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। आज देश में आतंकवाद और नक्सलवाद जैसी विकटकारी शक्तियां सिर उठाने का साहस नहीं कर पा रही हैं।
उन्होंने कहा, कि आपके अथक प्रयासों का प्रतिफल है, कि आज देश सहकारिता के क्षेत्र में भी अद्वितीय प्रगति कर रहा है, जिसका समग्र विकास की दिशा में एक मजबूत संस्था का ढांचा तैयार हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा, कि गीता प्रेस पिछले सौ वर्षों से हमारी सनातन संस्कृति, धर्मग्रंथों और भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण और संवर्धन में अतुलनीय योगदान देती आ रही है।
सीएम धामी ने कहा, “प्राचीन भारत में जब विदेशी शक्तियां वैचारिक भ्रम उत्पन्न कर रही थी, समाज को दिग्भ्रमित करने का काम कर रही थी, तब गीता प्रेस परिवार ने श्रीमद्भगवद्गीता, श्रीरामचरितमानस, उपनिषदों, पुराणों आदि का हमारे महान सनातनी ग्रंथों का जो सूक्ष्म मूल्य में शुद्ध और प्रमाणिक प्रकाशन कर भारतीय जनमानस को जागृत करने का ऐतिहासिक कार्य किया है।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “गीता प्रेस ने 1923 में अपनी स्थापना से अब तक एक सौ एक करोड़ से अधिक धार्मिक पुस्तकों का प्रकाशन कर हमारी संस्कृति और ज्ञान परंपरा को न केवल संजोकर रखा है। यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है, कि आज गीता प्रेस के द्वारा प्रारंभ की गई कल्याण पत्रिका का शताब्दी अंक का विमोचन गृह मंत्री द्वारा किया गया।”
"आज का यह अवसर सनातन संस्कृति, राष्ट्रीय चेतना और आध्यात्मिक पुनर्जागरण की ऐतिहासिक साधना को नमन करने का उत्सव है जो 100 वर्षों से भारतीय संस्कृति से जोड़ने का कार्य कर रहा है।": माननीय मुख्यमंत्री श्री @pushkardhami जी। pic.twitter.com/r9pp9AzZiK
— Office Of Pushkar Singh Dhami (@OfficeofDhami) January 21, 2026
उन्होंने कहा, कि कल्याण पत्रिका न केवल बीते सौ वर्षों से हमारे भीतर अद्भ्यात्मिक चेतना भारतीय जीवन मूल्यों को प्रक्षिप्त करने का कार्य कर रही है बल्कि नैतिकता, सदाचार और सांस्कृतिक चेतना के विकास में बहुत महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
सीएम धामी ने कहा, कि हमारी राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड को देश की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा, हम राज्य में सांस्कृतिक मूल्यों और लोकतंत्र को सुरक्षित करने के लिए भी प्रयासरत हैं।
