स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को किया संबोधित
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान लाल किले की प्राचीर से दिए अपने भाषण में 2047 तक भारत को विकसित भारत बनाने की दिशा में भारत की यात्रा पर प्रकाश डाला। अपने संबोधन में उन्होंने प्रमुख विकास स्तंभों, युवा सशक्तिकरण, महिला नेतृत्व वाले विकास और विकसित भारत के निर्माण के लिए आवश्यक सामूहिक संकल्प पर बल दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में पीले और सफेद बांधनी पैटर्न वाली चमकदार लाल रंग की पगड़ी पहनकर पहुंचे। लाल रंग की पगड़ी के साथ सफेद कुर्ता-पायजामा और भूरे रंग की जैकेट पहने हुए पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित करते हुए विकसित भारत के निर्माण के लिए ‘शक्ति की सप्तधारा’ का आह्वान किया।
#WATCH | Delhi: Prime Minister Narendra Modi arrives at Red Fort to lead the nation's 80th Independence Day celebrations.
PM is received by Defence Minister Rajnath Singh, MoS Defence Sanjay Seth, and Defence Secretary Rajesh Kumar Singh.
The Defence Secretary introduces the… pic.twitter.com/EDHw3LDaBc
— ANI (@ANI) August 15, 2026
राष्ट्र के बहुआयामी विकास पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने कहा, कि सप्तधारा के शक्तिशाली ढांचे के माध्यम से देश को नई गति प्राप्त होगी और वह नई ऊंचाइयों को छुएगा। उन्होंने कहा, कि देश अब ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर चल पड़ा है और आने वाले दिनों में ‘नेक्स्ट लेवल रिफॉर्म’ की ओर बढ़ना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, कि सप्तधारा की इस सात शक्तियां, सप्त शक्तियां उद्देश्य सिर्फ एक सेक्टर में प्रगति करने का नहीं है। एक होलिस्टिक एप्रोच के साथ हमें राष्ट्र को जो लक्ष्य लेकर के हम चल रहे हैं, जो एंबिशन लेकर के चल रहे हैं, उस स्केल को हमें पार करने की दिशा में काम करना है।
देश को शक्ति की इस सप्तधारा से नई गति और नई ऊंचाई मिलने वाली है:
1. मैन्युफैक्चरिंग पावर
2. कृषि और फूड प्रोसेसिंग
3. टेक्नोलॉजी और इनोवेशन
4. गतिशक्ति
5. रक्षा शक्ति
6. ग्रीन इकोनॉमी और ब्लू इकोनॉमी
7. सॉफ्ट पावर pic.twitter.com/M5gUEd728u
— Narendra Modi (@narendramodi) August 15, 2026
पीएम मोदी ने देश को संबोधित करते हुए कहा, “पिछले 10-12 साल हम लगातार 2047 के लक्ष्य को पाने के लिए दौड़ रहे हैं। एक के बाद एक सोपान सिद्ध कर रहे हैं। हमने सोचा भी नहीं था, कि हमें इसमें भी कुछ मुसीबतों को झेलना पड़ेगा। पिछले 10-12 वर्ष में कितने संकटों का सामना करना पड़ा। कोरोना जैसी वैश्विक महामारी ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया था, सारी व्यवस्थाएं चरमरा गई थी।”
उन्होंने कहा, कि कोरोना से बाहर निकले, युद्ध की विभीषिका की खबरें आने लगीं, कहीं यूक्रेन तो कहीं पश्चिम एशिया, हर जगह पर तनाव का माहौल और पता नहीं भविष्य वेत्ताओं ने तो न जाने क्या-क्या घोषणाएं कर दी थी। देश को डराना, देश को भयभीत रखना, देश को चिंतित रखना, इसी में कुछ लोगों को आनंद आता है। वैक्सीन नहीं मिलेगी, कोविड में लोग बचेंगे नहीं, कुछ भी नहीं होने वाला।
प्रधानमंत्री ने कहा, कि वेस्ट एशिया का क्राइसिस आया, पेट्रोल पंप पर पेट्रोल नहीं मिलेगा, गैस नहीं मिलेगा, डीजल नहीं मिलेगा, फर्टिलाइजर नहीं मिलेगा, सारी दुनिया भर की अफवाहें फैला करके, भारत के लोगों को भयभीत करने का, डराने का, चिंता के अंदर डुबो देने का, कुछ लोगों को आनंद आ रहा था। लेकिन देश ने देख लिया कि पिछले 10-12 साल की सुविचारित योजनाएं रंग ला रही हैं।
India’s true strength has been tested in times of crisis.
From the COVID-19 pandemic to the situation in Ukraine and West Asia, there were many fears with regard to India. But, the capabilities India built over the last decade helped us prove all these apprehensions wrong.
We… pic.twitter.com/pCJbtE4fC8
— Narendra Modi (@narendramodi) August 15, 2026
पीएम मोदी ने कहा, कि हम इतने बड़े संकट के बावजूद भी नागरिक देवो भवः के मंत्र को लेकर के जीते हुए भारत ने जो तैयारियां की थी, एक के बाद एक कदम उठाया था, सोचा नहीं था कि यह संकट आएगा, लेकिन उस संकट के समय में यह सारी चीजें काम आ गई और आज देश में गैस भी है, पेट्रोल भी है, यूरिया भी है। हम अपनी ताकत के ऊपर खड़े हो रहे हैं, चल रहे हैं।
उन्होंने कहा, कि दुनिया के इन संकटों का प्रभाव हर किसी पर हुआ, हम भी अछूते नहीं हैं। यूरिया के दाम दुनिया में 3000 रूपया पहुंच गया एक बोरी का। आज भी हम मेरे देश के किसानों को वो बोझ सहने के लिए मजबूर नहीं कर रहे, सरकार अपने कंधों पर वो बोझ उठा रहा है और दुनिया से जो 3000 रूपया में यूरिया का बोरा हमें मिलता है, वो हमारे किसानों को हम सिर्फ 300 रूपये में दे पाते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में आगे कहा, हमें मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बहुत आगे बढ़ाना होगा और प्रोडक्शन बढ़ाने के साथ-साथ हमें छोटे-छोटे पुर्जे भी बनाने हैं और बड़े-बड़े प्रोडक्ट भी बनाने हैं। पूरा वैल्यू चैन हमारा होना चाहिए और उसे लेकर के चलना, हमें कंपोनेंट भी चाहिए और हमें कंप्लीट मैन्युफैक्चरिंग भी चाहिए, कंप्लीट प्रोडक्ट भी चाहिए।
पीएम मोदी ने कहा, कि डिजाइन से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक भारत को ग्लोबल सप्लाई चैन का भरोसेमंद केंद्र बनना होगा। इसके लिए मैं तीन चीजों पर विशेष जोर देना चाहता हूं। मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में जो मेरे भाई-बहन हैं। यह समय का यह अवसर है, इस अवसर को जाने मत दे और इसके लिए हमें कोस्ट, क्वालिटी और स्केल, इसके विषय में वैश्विक मानदंडों से खरा उतरना पड़ेगा।
उन्होंने कहा, कि हमारी factories competitive हो, हमारे प्रोडक्ट्स यूजर फ्रेंडली हो, हमारा पैकेजिंग दुनिया के लोगों को लुभावने वाला हो, आकर्षित करने वाला हो। हमारा जीरो डिफेक्ट precision मैन्युफैक्चरिंग, यह हमारी पहचान बनना चाहिए। हर मैन्युफैक्चरर, हर एंटरप्रेन्योर, हर MSMEs से मैं कहना चाहता हूं, ग्लोबल मार्केट में हमारी पहचान विश्वसनीयता और गुणवत्ता के आधार पर होनी चाहिए। क्वालिटी के संबंध में नो कॉम्प्रोमाइज और इसलिए हमारा मंत्र क्वालिटी, क्वालिटी, क्वालिटी होना चाहिए। यही हमारा ग्लोबल ब्रांड वैल्यू बनेगा।
