CM धामी की प्रेस कॉन्फ्रेंस
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार (6 जनवरी 2025) को देहरादून में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य से जुड़े कई मुद्दो पर खुलकर बात की। मुख्य रूप से सीएम धामी भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना वीबी जी राम जी (विकसित भारत- जी राम जी) विषय पर प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।
प्रेसवार्ता की शुरुआत में वीबी जी राम जी अधिनियम के बारे में बताने के बाद सीएम धामी ने उत्तराखंड के ज्वलंत मुद्दे अंकिता भंडारी मामले पर भी बात की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रेसवार्ता में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, भाजपा विधायक दिलीप रावत और भाजपा के प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार भी मौजूद रहे।
सीएम धामी ने कहा, “अंकिता भंडारी हत्याकांड बड़ी हृदय विदारक घटना थी। हमने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूरी कानूनी कार्रवाई की गई। तत्काल महिला IPS की अध्यक्षता में SIT गठित की गई। पारदर्शी तरीके से पूरी जांच की गई। SIT ने सभी जानकारियों को एकत्र किया।”
मुख्यमंत्री ने कहा, कि SIT ने हर पहलू को देखा, जिसके पास जो जानकारी है, वो तब भी मांगी गई थी। मजबूत पैरवी के कारण तीनों आरोपितों को आजीवन कारावास की सजा हुई। उन्होंने कहा, “राज्य का मुख्य सेवक होने के नाते संबंधित प्रकरण में बहन अंकिता के माता-पिता से बात करूंगा और वे बेटी के न्याय के लिए जो भी चाहेंगे उसे कानून सम्मत आगे बढ़ाएँगे।”
राज्य का मुख्य सेवक होने के नाते संबंधित प्रकरण में बहन अंकिता के माता-पिता से बात करूंगा और वे बेटी के न्याय के लिए जो भी चाहेंगे उसे कानून सम्मत आगे बढ़ाएँगे। pic.twitter.com/4Uf7N2tB1g
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) January 6, 2026
सीएम धामी ने कहा, कि अब सामने आए ऑडियो में कई लोगों के नाम लिए जा रहे है। ऑडियो की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। उन्होंने कहा, कि सच सामने आते ही सभी तरह की जांच के लिए तैयार है। कोई गलत काम करेगा या दोषी होगा, तो वो किसी कीमत पर छूट नहीं पाएगा। आज ऑडियो में एक नाम ले रहे हैं, कल किसी और का नाम लेंगे।
मुख्यमंत्री धामी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, कि जरूर ऐसी बात है, कि एक ऑडियो को लेकर देहरादून नहीं सीधे दिल्ली में प्रेस कांफ्रेंस की गई और बवंडर बना दिया है। उन्होंने कहा, कि दोषियों को सजा मिली है, कोई और होता हो वो लोग उसका नाम जरूर बताते। एक ऑडियो में कहते हैं हत्या, दूसरे ऑडियो में आत्महत्या… कहीं कोई षड्यंत्र तो नहीं चल रहा।
हालिया विरोध प्रदर्शन पर पूछे गए सवाल पर सीएम धामी ने कहा, “अगर कल आपका नाम आ जाएगा तो क्या करेंगे।” उसको सामने आकर जवाब देना चाहिए। जल्द धुंध हटेगी, बादल छटेंगे, तस्वीर साफ होगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब मुख्यमंत्री से ये सवाल पूछा गया, कि कुछ पार्टी नेता अलग बयान दे रहे है। इस पर उन्होंने कहा, कि वो पार्टी का इंटरनल मैटर है, लेकिन इस तरह राज्य के अंदर भ्रम की स्थिति बना दी है।
सीएम धामी ने कहा, “अंकिता भंडारी हमारी बेटी है। उसके लिए संघर्ष किया है। कोई दोषी एक दिन के लिए भी बाहर नहीं आया। एक नाम बोल दिया ऑडियो से। ऐसा ऑडियो पेपर लीक में भी सामने आया था। राज्य के अंदर माहौल खराब करके अपनी जमीन तलाश रहे है। हमारा स्टैंड क्लीयर है। मोबाइल बंद करके जाना, फिर ऑडियो रिकॉर्ड करना फिर सीधा दिल्ली जाना।”
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘यह एक सीधा षड्यंत्र है। उनके पास कुछ है तो भागे क्यों हैं।” सीएम धामी ने कहा, कि सुरेश राठौर को बोला जा रहा है, आइए बताइए ये उनको बोला जा रहा है। मैं गारंटी के साथ कह रहा हूं कोई बचने वाला नहीं। जिनको जनता बाहर का रास्ता दिखा रही है, वो प्रदेश की बेटी को मुद्दा न बनाएं।
वहीं मुख्यमंत्री धामी ने भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना वीबी जी राम जी (विकसित भारत- जी राम जी) पर कहा, कि वीबी जी राम जी ये अधिनियम जो बना है, वो मनरेगा का नाम सिर्फ बदलना ही नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों और ग्रामीण इकाइयों को मजबूत करना है। साल 2047 विकसित भारत के लक्ष्य को विकसित ग्रामीण के साथ पूरा करना है।
उन्होंने कहा, कि इस अधिनियम में तमाम प्रावधान किए गए हैं, जिसके तहत वेतन भुगतान साप्ताहिक होगी और देरी होने पर अतिरिक्त भुगतान दिया जाएगा। सीएम धामी ने कहा, कि किसानों के लिहाज से ये बिल काफी महत्वपूर्ण है। गांव की प्राथमिकताओं के आधार पर धनराशि जारी की जाएगी। 50 फीसदी काम ग्राम सभा के स्तर पर किए जाएंगे। तमाम श्रेणियों के तहत काम किए जायेंगे, जिससे ग्राम सभा के लोग भी मजबूत होंगे।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा, कि इस बिल में महिलाओं के लिए तमाम प्रावधान किए गए है। भ्रष्टाचार पर प्रहार करते हुए पारदर्शिता पर जोर दिया गया है और नई तकनीकों का भी इस्तेमाल किया गया है। इस अधिनियम के तहत हिमालयी राज्यों में 90 फीसदी धनराशि केंद्र सरकार और 10 फीसदी राज्य सरकार वित्तीय सहयोग देगी। जिससे राज्य पर अतिरिक्त भार नहीं पड़ेगा। साथ ही ग्रामीण विकास की दिशा में बेहतर काम होगा।
सीएम धामी ने कहा, “जब भी प्रधानमंत्री कोई भी बेहतर योजना लेकर के आते हैं, तो विपक्ष इसका विरोध करता है। पहले मनरेगा के समय में 50 दिन का काम मिलता था और तमाम जगहों पर अलग-अलग अनियमिताएं पाई गई। जबकि अब इस अधिनियम के तहत लोगों को अधिक दिन काम मिलेगा पूरी पारदर्शिता रखी जाएगी।”
मुख्यमंत्री ने कहा, कि जल संरक्षण, आपदा प्रबंधन, ग्रामीण विकास और संरचना उत्तराखंड राज्य के लिए काफी महत्वपूर्ण है। ऐसे में यह अधिनियम उत्तराखंड की ग्रामीण क्षेत्रों को और अधिक सशक्त बनाएगा। वीबी जी राम जी से गरीबों को रोजगार मिलेगा गांव का विकास होगा और विकसित भारत 2047 के लिए मजबूत नींव साबित होगी।
उन्होंने कहा, कि इससे ग्राम सभाएं मजबूत होंगी। इस अधिनियम में 1 लाख 51 हज़ार करोड़ रुपए का बजट रखा गया है, जबकि पहले 88,000 करोड़ रुपए का ही बजट था।
